" अभिप्रिया की चिठ्ठी " सीरिज के बारे में एवं आपके प्रश्न

अभिप्रिया की चिठ्ठी


दुनियां जितनी तेजी से बढ़ रही हैं , उतनी ही तेजी से हमारा सवांद करने के तरीके भी बदल रहे हैं . पहले जहाँ लोग एक दुसरे को सन्देश पहुचाने के लिए चिठ्ठी , तार आदि का इस्तेमाल करता था वही आज इस भौतिक दुनियां में लोग सन्देश पहुचाने के लिए इन्टरनेट , मोबाइल फ़ोन के जरिये लोग सन्देश को  चुटकियों में पूरी दुनियां में पंहुचा रहे हैं .मोबाइल , इन्टरनेट से दुनियां भले ही करीब आ गया हो परन्तु ये हमारी रिश्ते, निजता एवं अपनापन को खा गया हैं .
            पहले लोगो के हाथों में मोबाइल फ़ोन होती थी मगर लोगों के पास परिवार और अपनापन होती थी . आज सभी के हाथो में मोबाइल हैं परन्तु लोगो को अपनों से बात करने का समय नही हैं .अगर किन्ही के पास समय हैं भी तो वह अपने रिश्तो को छोड़ कर सोशल साईटो में अनजान रिश्ते के साथ उलझे हुए हैं .






         एक समय था जब लोग अपने बातो को दूर-दराज के लोगो तक पहचाने के लिए चिठ्ठी का इस्तेमाल किया करते थे .लोग किसी खाश व्यक्ति के चिठ्ठी के लिए महीने इंतजार किया करते थे और फिर चिठ्ठी आने के बाद उसी चिठ्ठी को कई महीने तक पढ़-पढ़ कर खुश हुआ करते थे . फिर अगली चिठ्ठी का इंतजार किया करते थे .
                      आजकल इस टेलीफ़ोन , इन्टरनेट दौर में इसमें जितनी जल्दी रिश्ते बनते हैं उससे ज्यादा जल्दी टूट भी जाती हैं . इसके कई कारण हो सकते हैं परन्तु कभी-कभी टेलीफ़ोन ही मुख्य कारण बन जाते हैं .
                                 वैसे मैं यह नही कहता हूँ कि चिठ्ठी वाली दौर ही सही थी परन्तु इतना जरुर कहूँगा जिस तरह इतिहास कि हर परम्परा को बचाने  की कोशिस किया जा रहा हैं उसी तरह चिठ्ठी लिखने -पढने कि कला को हमें सुरक्षित रखनी चाहिए . इसलिए ही मैंने एक चिठ्ठी सीरिज " अभिप्रिया की चिठ्ठी " सीरिज का शुरुआत किया हैं . अतः मैं आप से अनुरोध करूंगा कि आप - हम मिल कर इसे जिन्दा रखे 
 मैं प्रत्येक सप्ताह हर बुधबार को एक चिठ्ठी शेयर करूँगा .मैं इसे लिख कर और आप इसे पढ़ कर चिठ्ठी लिखने कि परम्परा को आगें बढ़ाते रहें .

आपके प्रश्न 


Q. " अभिप्रिया की चिठ्ठी " सीरिज में किस प्रकार कि चिठ्ठी शेयर किया जायेगा ?

उत्तर - इस सीरिज में सभी तरह ( सभी टॉपिक ) के चिठ्ठी शेयर किया जायेगा .परन्तु प्रेम पत्र यानि लव लेटर ज्यादा शेयर किया जायेगा .

Q. क्या सभी चिठ्ठियाँ शुद्ध हिंदी में होगी ?

उत्तर - नही , इस सीरिज के चिठ्ठियों में क्षेत्रिय भाषा ( बिहारी , मगही , पंजाबी ,भोजपुरी आदि ) का भी उपयोग किया जायेगा .

Q. इस सीरिज का नाम " अभिप्रिया की चिठ्ठी " क्यों रखा गया हैं ?

उत्तर - वैसे इसकी कोई खाश कारण तो नही हैं परन्तु मुझे इस सीरिज के लिए एक अच्छे नाम का जरूरत था . मैंने काफी नाम सोचा मगर पसंद नही आ रही थी . फिर मैंने एक न्यूज़ में एक अजितेश और साक्षी के बारे में न्यूज़ देखा और उसकी कुछ  क्लिप देखी उसमे साक्षी अजितेश को बार - बार " अभि " बोल रही थी . तब मुझे लगा अपनी सीरिज का नाम " अभि की चिठ्ठी " रख दूँ मगर नाम बहुत छोटी लग  रही थी फिर मैंने उसके साथ किसी लड़की का नाम जोड़ने के बारे में सोचा क्योंकि साऊथ के फिल्मो ( मैं ही राजा मैं ही मंत्री ) में मैं कई बार देख चूका हूँ . हीरो अपने gf के नाम के साथ अपने नाम को रख लेते हैं ये दिखाने के लिए कि मैं और वो एक दूजे के साथ हैं .  इसलिए मैंने एक प्यारा सा नाम सोचने लगा फिर मेरा दिमाग प्रिया पर आकर रुक गया और फाइनल अभि + प्रिया कर दिया यानि अभिप्रिया . पूरा नाम " अभिप्रिया की चिठ्ठी " हो गया .

Q. क्या इस सीरिज में मैं भी किसी के लिए चिठ्ठी लिख सकता हूँ ?

उत्तर - हाँ , अगर आप  अपनी दिल के बात किसी अजनबी या किसी अपने के पास पहुचाना चाहते हैं या एसे ही लिखना चाहते हैं तो अवश्य लिखिए . 
  अगर आप किसी खाश व्यक्ति के लिए लिखना चाहते हैं तो आप चिठ्ठी के साथ उस व्यक्ति का कोई सोशल साईट( फेसबुक , twitter , instragram ,  whatsapp आदि )  के प्रोफाइल लिंक भी जरुर भेज दें ताकि मैं आपकी चिठ्ठी को उसके पास तक पंहुचा सकूँ .

अपनी चिठ्ठी इस ईमेल पर भेजें Subject में " अभिप्रिया के चिठ्ठी " जरुर लिख दें : - mr.avinashakela@gmail.com