लेखक अविनाश अकेला के बारे में | About avinash akela


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मेरा नाम अविनाश अकेला है और लोग प्यार से मुझे मिंटू भी बुलाते हैं। मेरा जन्म 16 अप्रैल  1997 को बिहार के नालंदा जिले में एक प्यारा -सा गांव अकैड़ में हुआ है।  मेरी प्राइमरी शिक्षा गांव के ही मिडिल स्कूल से हुआ है जबकि  ग्रेजुएशन श्री चंद्र उदासीन महाविद्यालय हिलसा नालंदा से पूरा किया है।

   मुझे लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से ही था जब मैं दूसरी क्लास में पढ़ता था तब हिंदी लिखना में शिक्षक द्वारा प्रत्येक दिन एक ही वाक्य "राम आम खाता है,, लिखवाना मुझे नही भाता था। मुझे उस वक्त लगता था  शायद हिंदी लिखना कॉपी (hindi writing home work) में सिर्फ यही वाक्य लिखा जाता होगा। परंतु एक दिन मैंने अपने घर में  किसी से पूछा कि हम लिखना कॉपी (hindi writing home work) में कुछ और लिख कर ले जा सकते हैं या फिर सिर्फ "राम आम खाता है,, ही लिखा जाता है । इस पर उन्होंने बताया कि ऐसा कोई जरूरी नही होती है कि आप प्रत्येक दिन एक ही वाक्य लिखना कॉपी  लिख सकते हो।तुम हिंदी में कोई भी वाक्य लिखकर शिक्षक को दिखा सकते हो ।
यह सुनकर मैं काफी खुश हुआ और उस दिन के बाद मैं प्रत्येक दिन कोई न कोई एक नया वाक्य लिखना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे छोटी-छोटी कहानियां और क्लास 7th तक आते-आते; मैंने बहुत सारी कहानियां लिख डाला ।मगर उस वक्त कुछ ऐसा नहीं था कि बड़ा होकर कहानी लिखना है या कुछ और करना है। बस ऐसे ही टाइम पास के लिए लिखा करता था । औऱ जब आप लिखने से प्यार करने लगते हो तो पढ़ने से भी प्यार ख़ुद व खुद हो जाती है। उसी बीच मैंने प्रेमचंद, रामधारी सिंह दिनकर जैसे लेखकों को पढ़ना शुरू कर दिया।
 मगर उस वक्त नॉवेल्स बैगरह नही पढ़ पाता था सिर्फ सिलेबस में दी गयी कहानियां और विद्यालय के कुछ कहानियों के किताबों को ही पढ़ पाता था।
 और पढ़ते-पढ़ते कब लिखना शुरू किया कुछ पता ही ना चला। और तब से लेकर अब तक जब भी टाइम मिलती है कुछ ना कुछ लिख लेता हूं।
 अगर लेखन के क्षेत्र में किन्ही से प्रेरित हुआ हूं तो वह चेतन भगत सर और मुंशी प्रेमचंद्र जी हैं मुझे इनके कहानियां से काफी कुछ सीखने को मिला है। शायद इनसे सीखने के कारण ही आज कुछ अच्छा लिखने की कोशिश कर लेता।

फ़िलहाल मैं क्या करता हूँ?
 फिलहाल मैं YouTube पर Vines वीडियो , सोशल वीडियो के साथ अपने लेखन का काम भी कर रहा हूँ। मेरे द्वारा लिखी कहानी आप अमेज़न किंडल , Storybaaz के साथ -साथ अन्य माध्यम से भी पढ़ सकते हैं।
 मैंने एक नावेल "अदृश्य प्रेम" लिखी है जो फिलहाल अमेजॉन एवं फ्लिपकार्ट से ऑनलाइन खरीद सकते हैं इसके अलावा मेरे दो नॉवेल और आने वाली है जो जल्द ही online और offline पाठकों के लिए उपलब्ध हो जाएगी ।

Coming soon...

1. मिडिल स्कूल
2.अपवित्र रिश्ता