तेरी - मेरी आशिकी ! Part - 07 ! कॉलेज लव स्टोरी इन हिंदी ! School Love Story In Hindi ! Love Feeling & Romantic Love Story In College ! Love Triangle story

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तेरी - मेरी आशिकी ! Part - 07! कॉलेज लव स्टोरी इन हिंदी ! School Love Story In Hindi ! Love Feeling & Romantic Love Story In College ! Love Triangle story


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“बस ऐसे ही ” मैंने थोड़ी धीमी आवाज में बोला।
“ फिर भी क्या हुआ? ऐसा क्यों बोल रहे हो ? ” उसने दोबारा पूछी।
“ वैसे तुम्हारे क्लास में एक अमिताभ बच्चन जैसी दाढ़ी रखा कोई लड़का है ?” मैंने पूछा।
“हां .....हां.....उसका नाम देवांशु है। वह बहुत अच्छा लड़का है ।” दीपा खुश होती हुई बोली।
दीपा  द्वारा उस लड़के के बारे में इतना खुश होते हुए उसे अच्छा बताना मुझे रास नहीं आया। मैं कुछ देर तक चुप रहा।
“ वैसे तुम उस देवांशु के बारे में क्यों पूछ रहे हो? क्या बात है?” दीपा बोली।
इस बार भी मैं दीपा के बातों का कोई जवाब नहीं दिया।
“ क्या हुआ ?” उसने एक बार  फिर से पुछी।
“देवांशु वाकई में बहुत अच्छा लड़का है। आज से हम दोनों दोस्त बन गए हैं” मैंने दीपा से झूठ बोला।
मैं चाहता तो उस वक्त दीपा को देवांशु के बारे में पूरी सच्चाई बता सकता था लेकिन दीपा को उसके बारे में इतना पॉजिटिव देख इस समय उसके बारे में कुछ बताना उचित नहीं समझा ।
*
उस घटना के लगभग एक सप्ताह हो चुके थे मगर उस दिन के बाद फिर कभी देवांशु मुझसे नहीं मिला था और इतने दिनों में मैं उसके बातों को कब का ही  भुला चुका था। अब बस मेरे दिलो-दिमाग में सिर्फ दीपा थी । उसके बिना जीने की कल्पना करना भी मेरे लिए असहनीय हो गई थी।

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                       एक दिन  कॉलेज का ब्रेक हो चुका था सभी स्टूडेंट कैंटीन में बैठा था। आकाश में बादल छाये हुये थे। जिसके कारण सूरज बादलों में कहीं खो सा गया था। ठंडी हवाएं बह रही थी जो लोगों को और भी रोमांचित कर रहा था। इस बरसात वाले मौसम को लोग गर्म चाय की चुस्की के साथ बेहतरीन महसूस कर रहे थे। मैं और दीपा कैंटीन में ना होकर कॉलेज के गार्डन में बैठे थे।
        मेरे अलावा वहां पर कॉलेज के कुछ और लड़के-लड़कियां बैठे थे। उनमे से अधिकांश लोग अपने बॉयफ्रेंड के साथ ही थे। हम सभी इस ठंडी हवा को इंजॉय कर रहे थे। मैं और दीपा एक झाड़ीनुमा पेड़ के पास बैठे थे।
 मेरा सर दीपा के गोद में था और चेहरा उसके चेहरे के सामने। हम लोग पिछले एक  घंटे से वही उसी तरह से बैठकर बातें कर रहे थे।
“ दीपा मैं इसी तरह सारी उम्र तेरे साथ ही बिताना चाहता हूं।” मैंने उसके बालों के बीच हाथों की उंगली को फंसाते हुए बोला।
“ तो फिर मना किसने किया है, मैं भी तो जिंदगी का हर पल तेरे साथ गुजारना चाहती हूं” उसने अपने सर आगे की तरफ झुकाती हुई बोली।
अब उसके होंठ और मेरे होंठ की बीच की दूरी मात्र कुछ ही इंच रह गई थी। फिर उसने आंखें बंद की और उसने अपने होंठ मेरे होंठों के पास ले आई।
                   उसके बाद मैं उसके गोद से अपना सर हटा कर उसके सीधे बैठ गया। वह एक टक से मेरे चेहरे को देखती जा रही थी। मैं उसकी आंखों में उसकी प्यार की गहराई देख रहा था। मैं उसके नजदीक गया और अपने हाथ की उंगलियां उसके बालों से खेलते हुए अपने हाथ उसके सर के पीछे टिका दिया और अपने होंठ को उसके होंठ से हटा दिया ।

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 उस वक्त उसकी दिल की धड़कन मेरे कानों में साफ-साफ पड़ रहे थे। हम दोनों एक दूसरे को चुम्मे जा रहे थे। इसी तरह चुम्मते रहने के कुछ मिनट बाद अचानक से बारिश के बूंदे पड़ने लगे। तभी हमारी ध्यान टूटा तब तक हम दोनों उस बारिश में पूरी तरह भींग चुके थे। मैंने गार्डन में चारों तरफ देखा वहां पर बैठे सभी लोग क्लासरूम के तरफ चले गए थे। मगर हम दोनों वही वारिश में ही भींग रहे थे। भींगी हुई कपड़ों में दीपा बहुत ज्यादा सेक्सी लग रही थी। मैंने उसे देखा फिर उसके हाथों को पकड़ अपनी ओर खींचा। फिर अपने दाएं हाथ  उसके कमर पर रखकर फिर से एक-दुसरे से चिपक गए। और फिर  हम दोनों एक दूसरे को कई मिनटों तक चुमते रहें।


भाभी के गहने चोरी
अब दीपा और मेरी दोस्ती के बारे में मेरे घरवाले जान चुके थे। दीपा कई बार मेरे साथ मेरे घर आ  चुकी थी। वैसे दीपा को मेरे घर में आने-जाने से किसी को कोई दिक्कत ना थी क्योंकि मेरी भाभी दीपा की ही फ्रेंड की बहन थी। और दीपा को शादी के समय से ही सभी लोग पहचानते थे।
दीपा जब भी मेरे घर जाती थी तो दो-तीन घंटे रुकने के बाद वापस अपने घर चली जाती थी।
     जब दीपा मेरे घर में होती थी तब मैं,भाभी और दीपा मिलकर बहुत सारी मस्तियां करते थे। एक दिन कॉलेज खत्म होने के बाद दीपा को लेकर मैं अपने घर आया उस दिन मेरी सुजाता मौसी भी मेरे घर पर आई हुई थी। उस दिन दीपा और भाभी मिलकर हम सभी के लिए समोसे बना रही थी
“आदिति दी (दीदीआपको नहीं लगता आप समोसे में ज्यादा मिर्च दे रखे हैं? दीपा समोसे बनाते समय मेरी भाभी से बोली।
मेरी भाभी दीपा की फ्रेंड की बहन थी इसलिए मेरी भाभी को दीपा  दीदी ही  बोला करती थी।
“अरे नहीं दीपू, इतना मिर्च सही है” भाभी बोली।

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“मुझे लगता है आपके घर में सभी लोग ज्यादा तीखा ही पसंद करते हैं” दीपा थोड़ा मजाकिया लहजे में बोलो।
“शायद!” भाभी समोसे को कड़ाही से बाहर निकालती हुई बोले।
“दीदी आप लोग तीखा  कितना भी खा लो मगर आप  और आपकी फैमिली  काफी स्वीट है।” शायद इस बार उसकी शब्दों का इशारा मेरी तरफ थी।
“ओहो ..... शुक्रिया ! " भाभी मुस्कुराती हुई बोली।
इधर किचन में दीपा और भाभी मिलकर समोसे बना रहीं थी  और दूसरी कमरे में सुजाता मौसी और मेरी मां बैठकर बातचीत कर रहीं थीं।

" विमला तुम्हे नहीं लगता है ! यह लड़की आजकल कुछ ज्यादा ही तुम्हारे घर आ - जा रही है? " सुजाता मौसी मेरी मां से बोली।
" कौन लड़की?"  मां ने अपने दिमाग पर जोर डालती हुई बोली।
"  अरे वो ही जो हमेशा निशांत के आगे पीछे घूमती रहती है।" सुजाता मौसी थोड़ी झुंझुआकर बोली।
" अच्छा अब मैं समझी, आप किसकी बात कर रहीं हैं । दीदी आप दीपा की बात कह रही है ना?" मां खुश होती हुई बोली।

Continue ......
 Next Episode Tommorow  ( कल सुबह 06:00 AM )


©अविनाश अकेला  (लेखक के बारे में अधिक जानकारी के लिए click करें )

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