क्या यही प्यार है ?। स्कूल लव स्टोरी इन हिंदी। Love feeling best romantic love story । Hindi love stories। classmate ke sad love story in hindi


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"भाई साथ में तुम भी चलो ना !  तुमको तो पता है, तुम्हारे बिना में कहीं भी नहीं जाता हूं। और वैसे तुम्हें याद है ना, खुशबू को प्रपोज करते वक्त तुम भी मेरे साथ ही था तो फिर आज उसके साथ घूमने जा रहा हूं तो तुम्हे भी मेरे साथ चलना चाहिए। प्लीज चलो ना यार...  साथ में चलते हैं"  अभिषेक ने  लगभग मुझे प्रार्थना करते हुए बोला।

उस दिन अभिषेक  को अपने गर्लफ्रेंड खुशबू के साथ राजगीर घूमने जाने का प्लान था वैसे प्लान के वक्त से ही अभिषेक मुझे अपने साथ ले जाने की जिद करता आ रहा था। मगर मैं इन लड़कियों के घूमने-फिरने के चोचलेवाजी के चक्रों से हमेशा दूर रहना चाहता था। मैं नहीं चाहता था कि अपने सारा कामकाज पढ़ाई-लिखाई को छोड़कर इन लडकियों के पीछे सारा वक्त जाया करें। मगर मेरा मित्र या यूं कहें कि मेरा रूम पार्टनर अभिषेक को इन लड़कियों में कुछ ज्यादा ही दिलचस्पी शुरू से ही रहा है। हम दोनों बचपन के दोस्त हैं । हम-दोनों ने क्लास नर्सरी से लेकर ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई एक ही कॉलेज और एक ही स्कूल से किया है और आज एक ही साथ एक ही रूम में रहकर कंपटीशन की तैयारी कर रहा हूं। इन्हीं कंपटीशन कोचिंग में अभिषेक की  मुलाकात खुशबू से हुआ था। खुशबू नाम जितनी  प्यारी है उतनी ही उसके चेहरे भी हसीन थे ।वह हर  लड़कियों से बिल्कुल अलग थी उसकी बात-विचार बिहेवियर एकदम से पर्फेक्ट है। वह पढ़ने-लिखने में भी अच्छी लड़की थी। शायद यही कारण रहा होगा कि अभिषेक उसे पसंद करने लगा था वरना अभिषेक को मैं बचपन से ही जानता हूं वह कभी लड़कियों को भाव तक नहीं देता था । जब अभिषेक ने मुझे बताया था कि वह खुशबू को पसंद करने लगा है तो मैंने ही उसे उसकी टूटी-फूटी हिम्मत को मैंने मोहब्बतें की  शाहरुख खान वाली प्रवचन देकर उसे भी मजनूं बना दिया था। यहां तक उसका लव लेटर देने वक्त यानी कि प्रपोज करते समय मैं भी उसके साथ ही था वरना यह साला फट्टू लव लेटर क्या कभी कॉपी तक एक्सचेंज नहीं करता। खैर यह बात तो बहुत पुरानी हो गई। उस दिन जब मैं सो रहा था तब वह मुझे अपने साथ राजगीर की पहाड़ी वादियों में अपने गर्लफ्रेंड खुशबू के साथ मुझे भी साथ ले जाना चाह रहा था। अभिषेक मेरा बचपन का सबसे प्यारा सबसे सच्चा मित्र है जो अक्सर मेरे बुरे और अच्छे वक्त में साथ रहता था।

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फाइनली उस दिन मैं अभिषेक के साथ राजगीर टूर पर जाने के लिए तैयार हो गया था।

" तुम मेरे साथ चल रहे हो यह देखकर बहुत अच्छा लग रहा है"
 अभिषेक ने बस पर चढ़ते हुए मुझे बोला।

 बस में मैं अभिषेक और अभिषेक की गर्लफ्रेंड खुशबू बस के सबसे पीछे वाली सीट पर बैठे थे।  मेरे बगल में एक अधेड़ व्यक्ति बैठे थे जो अपनी माइक्रोमैक्स के एंड्राइड फोन में यूट्यूब पर पवन सिंह की भोजपुरी गाना "छलकता हमरो जवनिया ए राजा" बजा रहा था ।

हम लोगों ने सोचा हमें बैठने के बाद शायद यह चाचा जी अपने फोन का वॉल्यूम कम कर के गाना सुनने लगेंगे मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ। हम लोगों को बैठने के बाद एक गाने खत्म होने के बाद दूसरे गाने शुरू कर देते थे जो लगभग अधिकतर गाना भोजपुरी ही थी। इन भोजपुरी गानों के म्यूजिक के बीच में ही अभिषेक और अभिषेक की गर्लफ्रेंड खुशबू अपनी बातचीत को शुरू किया। वह दोनों काफी खुश नजर आ रहे थे। इस वक्त दोनों की चेहरे की स्माइल किसी DSLR कैमरे में कैद करने लायक बन रही थी।
मैं इन दोनों के मुस्कान के बीच कबाब में हड्डी जैसा लग रहा था। मैं ना तो कुछ बोल रहा था और नहीं इन दोनों ने मुझे बोलने का कोई मौका दे रहा था।
                 जब कोई एक लड़का एक लड़की के साथ या यूं कहें कोई लड़का अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बैठा हो तो मुझे नहीं लगता है उसके बीच में किसी दूसरे इंसान को बोलने की जरूरत पड़ जाएगी। बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड  एक ऐसी प्राणी होती है जिसे दुनियादारी से कोई लेना-देना नहीं होता है।
 रूम से निकने और बस पर चढ़ने से पहले तक मैं अभिषेक के साथ ही था मगर खुशबु के आ जाने के बाद  मैं कब का ही कहीं दूर एक गुमनाम सा हो गया था। वह लोग आपस में ही बातें करते और आपस में ही हंसते और मैं बेबकुफ़ जैसा कभी-कभार अपने तरफ से मुस्कुरा देता  था।
               मैं इन दोनों  के बात-चीत के बीच में पड़ना भी नहीं चाहता था। मैं चाचा जी के भोजपुरी गानों के म्यूजिक के साथ धीरे-धीरे अपना सर हिलाना शुरू किया। मुझे मजा आ रहा था फिर मैं सड़कों पर इधर-उधर  देख रहा था।
देखते ही देखते या यूं कहें कुछ सोचते-सोचते हम राजगीर की बस स्टॉप पर पहुंच चुके थे। हमारी रास्ते खत्म हो चुकी थी। गाड़ी बस स्टॉप पर रुक चुकी थी परंतु अभिषेक खुशबू की बातचीत अभी खत्म नहीं हुआ था बल्कि एक अनगिनत चलने वाली नदियों की धाराओं जैसी बह रही थी। 
         हम तीनों के साथ ही मेरे पीछे-पीछे मोबाइल वाले चाचा भी बस से उतरे। वो एक कपड़े वाली झोला ( Bag) लिए हुए थे जिसमें  दो लम्बी-लम्बी ककड़ी रखी हुई थी। जिसके लंबाई 1-2 फिट लंबे थे जिसके कारण ककड़ी कपड़े वाले झोली से आधा भाग बाहर दिख रहा था।
 वह अपने रास्ते और  हमलोग  अपने रास्ते निकल पड़े और फिर 
हम लोग सड़क किनारे टांगे वाले का इंतजार करने लगे।

 अगर आप राजगीर जाते हैं और वहां की टांगे ( टमटम ) की सवारी  नहीं करते हैं तो आपका राजगीर का सफर व्यर्थ माना जाता है। 
 हम लोग टांगे के इंतजार कर रहे थे उसी वक्त खुशबू ने अपने मोबाइल फोन निकाली और उसने एक नंबर डायल किया।
अभिषेक मुझे पहले बता चूका था। राजगीर में हम तीन लोग नहीं बल्कि चार लोग साथ-साथ राजगीर के  पहाड़ो का दर्शन करेंगे।
 उसने बताया था कि  खुशबू की  फ्रेंड नेहा  राजगीर में किसी हॉस्टल में रहती है। वह इंदिरा इंटरनेशनल पॉलिटेक्निक कॉलेज राजगीर से डिप्लोमा कर रही है।
"नेहा तुम कहां हो ? यार हम लोग राजगीर बस स्टॉप पर खड़े हैं ।" खुशबू ने नेहा को फोन पीक  करने  के साथ ही बोली।

" यार मैं भी बस स्टैंड में ही खड़ी हूं। ओके ... अच्छा मैं तुम्हें देख ली हूं। तुम वहीं पर खड़ा रहो । मैं तुम्हारे पास तुरंत (just) 30 सेेकंड में पहुंच रही हूं "  फोन से आवाज आ रही थी।

कॉल डिस्कनेक्ट होने के कुछ ही सेकंड  बाद हाथों से इशारा करती हुई नेहा आती  दिखाई दी। 
yellow कलर की टॉप, स्काई कलर की श्रग ,एंकल लेंथ की जीन्स और आंखों पर धूप चश्मा चढ़ाई हुई हम लोगों के पास आइ। उसके चिकने गालों पर पड़ती सूरज के मध्यम किरण रिफ्लेक्स होकर सतरंगी इंद्रधनुष जैसा महसूस करवा रही थी। वहां की हवाएं उसकी गुलाबी होठों को छूकर मस्त मौला होकर पीपल के पत्तों के साथ झूम रहा था।
वैसे मुझे लड़कियों में कुछ ज्यादा दिलचस्पी  नही था । लेकिन फिर भी उसे देख कर मेरे दिल में कुछ-कुछ  हुआ था। मगर वह प्यार तो नही  हुआ था मैं यह दावे से कह सकता था । 
हम लोग वहां से टाँगें (टमटम ) चढ़ कर राजगीर की ब्रह्म कुंड के पास पहुंच गयें । वहां पर हम लोगों ने गर्म पानी के कुण्ड में स्नान किया और फिर वहां से पहाड़ों की सैर करने चल पड़ा।
                             राजगीर के पहाड़ों से टकरा कर आती हवाएं , दिल को रोमांचित कर रहा था ।अभिषेक अपनी गर्लफ्रेंड खुशबू के साथ व्यस्त हो गया था।  वह कभी खुशबु के  साथ सेल्फी लेेता तो कभी हाथ पकड़ कर आगे बढ़ता , और कभी उसके बालों को सहलाता तो कभी किसी एकांत पेड़ों की छांव में उसके होठों को चूमता। मगर इन सबों के बीच मैं और नेहा अकेले रह जाते थे। 
  मैं थोडा शर्मिला था जिसके कारण किसी लड़की से जल्दी नही घुलमिल पाता था। जबकि नेहा बहुत ज्यादा  फ्रेंकली थी। वह जल्द ही किसी के साथ घुलमिल जाती थी। और बकबक करने में तो सबको पीछे छोड़ सकती थी। 


क्या  यही प्यार है ?। स्कूल लव स्टोरी इन हिंदी। Love feeling best romantic love story । Hindi love stories। classmate ke sad love story in hindi

             हम चारों पहाड़ के ऊँची चोटी के करीब  तक पहुंच चुके थे। धूप तो ज्यादा नहीं थी मगर फिर भी तेजी से पहाड़ चढ़ने के कारण हम लोग पसीने-पसीने हो गये थे । और प्यास भी लग चुकी थी। मैंने अपनी गर्दन दूसरी तरफ कर के देखा तो एक छोटी सी झोपड़ीनुमा दुकान थी जिसमें एक व्यक्ति कुछ सामान बेच रहा था।
 मैं उनके पास गया वहां से खाने के लिए पकोड़े-चटनी और बिसलरी की चार बोतलें  ले ली ।
नाश्ते के बाद हम लोगों ने पहाड़ की दूसरी छोर पर जाने लगा। इस बीच वहां पर एक बहुत ही सुंदर चबूतरे दिखी जिस पर हम सभी लोगों ने बैठकर बारी-बारी से फोटो खींचने लगें। उन सबों के बीच में मेरी फोन कि कैमरा सबसे अच्छी थी। होना भी चाहिए था क्योंकि हमारे पास ओप्पो (Oppo) कैमरा फ़ोन थी। सब लोगों के फोटो खींचवाने की पसंद मेरा मोबाइल ही थी। उस वक्त ही मुझे ऐसा लग रहा  था। यार जिन्दगी में पहली दफ़ा ही हमने कोई काम की चीज  खरीदा हैं वरना मम्मी तो हमेशा कहती रहती थी "तुम एक नम्बर के बकलोल हो। तुम्हे कुछ खरीदना ही नही आता हैं ।"

" राजीव तुम अपने मोबाइल से मेरा फोटो  खींच देना। प्लीज...।"  नेहा ने मुझसे बोली।
 इतनी देर के बाद नेहा पहली बार मुझसे बात कर रही थी। मैं बिना कुछ जवाब दिए मैं नेहा की फोटो क्लिक करना शुरू कर दिया। हम लोगों ने लगभग 200 से भी अधिक फोटो खींचे थे।घुमने के बाद शाम को हम लोगों ने साथ में नाश्ता किया उसके  बाद पटना वापस आने वाली बस पर बैठने के लिए जा रहा था। उसी बीच नेहा ने मुझसे बोली " राजीव तुम मेरा फोटो मुझे सेंड कर देना।"
"ओके" मैंने कहा।
"नोट कर लो  मेरी whatsapp नम्बर " नेहा नंबर देते हुए बोली ।
                   जिस वक्त नेहा मुझे अपना व्हाट्सएप नंबर दे रही थी उस वक्त अभिषेक और खुशबू वहां पर नहीं थी। वे दोनों पटना जाने वाली बस का  टाइम टेबल पूछ रहें थे।
                   फाइनली हम लोगों ने एक बस पर जाकर बैठ गया जो लगभग 20 मिनट बाद वहां से पटना के लिए रवाना होने वाली थी। बस पर बैठने के बाद नेहा हम लोगों से अलविदा लेकर अपनी हॉस्टल चली गई और हम लोग पटना।
             
            मैं वापस पटना आ चूका था ।अपने कमरे में आया और राजगीर में खिचीं गयी सभी फोटोज को मैंने नेहा को व्हाट्सएप कर दिया। इसके बदले ने नेहा थैंक्स भी मुझे रिप्लाई की थी। मैंने भी उसके थैंक्स का रिप्लाई वेलकम लिखकर कर दिया था। उसके बाद हम लोग अपने अपने काम या यूं कहें सभी लोग अपने पढ़ाई में व्यस्त हो गये थे ।
                          फिर लगभग 1 सप्ताह बाद व्हाट्सएप पर नेहा की मैसेज आई " हाय राजीव"
नेहा के मैसेज देख कर मुझे ज्यादा खुशी नहीं हुई फिर भी मैंने भी- "हेलो" लिखकर सेंड कर दिया।
 मेरी इसी हेल्लो की वजह से हमदोनो के बीच  बातचीत शुरू हो गयी थी  और  इस तरह से राजगीर में साथ घूमने के एक  सप्ताह बाद हम दोनों के बीच बात-चीत  व्हाट्सएप पर शुरू हो गया था। कुछ दिनों तक तो नार्मल एक दोस्त जैसा  बात-चीत हुआ । मगर कुछ दिनों बाद वह  मुझसे अपने दिल के निजी बातें भी शेयर करने लगी थी । मैं भी उसे दोस्त से कुछ ज्यादा समझने लगा था मगर उस वक्त ऐसा नही लगता था की मुझे उससे प्यार हो गयी है ।
अब उससे whatsapp मैसेज  के अलावे कॉल पर घंटों बाते होने लगी थी । मगर इसके बारे में अभिषेक और खुशबू को कोई जानकारी नहीं थी। उसे यह मालूम नहीं था कि राजगीर के बाद हम दोनों एक दूसरे से व्हाट्सएप पर चैट और कॉल से बात-चीत करना शुरू कर दिए हैं।
       इसी तरह से हम -दोनों लगभग एक से डेढ़ महीने तक बातचीत किया फिर एक दिन अचानक उसका ना तो कोई  मैसेज और नहीं  कॉल आया। उस दिन मुझे महसूस हुआ वह मेरे लिए खाश बन गयी हैं। उसके मैसेज बिना मेरी दिल नहीं लग रही थी। मैं उससे बात करने के लिए बेचैन था। मैं बार-बार अपने फोन को अनलॉक कर व्हाट्सएप मैसेज देखने की कोशिश कर रहा था। इधर से कॉल करने पर उसका फोन ऑफ बता रहा था । उस रात मैंने खाना भी नहीं खाया। अभिषेक मुझसे पूछता रहा- " यार आज तुम्हें हुआ क्या है?  इतनी सैड सैड क्यों लग रहे हो?"
 मगर मैंने उसकी प्रश्नों का जवाब देना उचित नहीं समझा। इसी तरह कर के मैंने वह रात काट ली। सुबह  जैसे ही मैंने  फ्रेश होने के लिए वार्थरूम जाने  लगा उसी वक्त मेरे व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया।
यह मैसेज नेहा की थी। मैसेज देख कर मैं बहुत खुश हुआ। ऐसा लग रहा था जैसे कोई बरसों से बिछड़ा हुआ प्यार मुझे मिल गया हो।
                 फिर हमारी बातचीत जारी हो गयी । नेहा ने  बतायी उस रात उसका मोबाइल फोन किसी दोस्त के पार्टी में छूट गई थी जिसके कारण उसे  अगले दिन वहां जाकर वापस फोन लाना पड़ा।
 मैंने भी नेहा को उससे बात ना होने की वजह से अपनी सारी दुख दर्द उसे बता दिया। मैंने यह भी बता दिया था कि तुमसे बात ना होने की वजह से  कल रात मैंने खाना तक  नहीं खाया हैं । बस सारी रात तुम्हारे बारे में ही सोचता रहा , तुम्हे miss करता रहा ।
 इस पर नेहा  बोली थी- " यार ऐसे मत मिस किया करो वरना मुझे भी तुम्हें मिस करना पड़ेगा"
 नेहा की ये बात सुनकर मैंने भी बोल दिया था - "तो तुम्हें मिस करने के लिए किसने मना किया है"

            उस दिन के बाद हम-दोनों के बीच  बात-चीत और ज्यादा बढ़ गयी थी। एक दिन मैंने अपने दोस्त अभिषेक को बताया- " यार मैं नेहा को पसंद करने लगा हूं, मुझे  उससे प्यार हो गया है।"
" एक मिनट ! कहीं तुम खुशबु की फ्रेंड नेहा के बारे में तो नही बोल रहे हो ?" अभिषेक ने आश्चर्य होकर  बोला।
 "हां यार , मैं उसी के बारे में बोल रहा हू" मैंने कहा ।
 "अबे चुतिये ! उसका एक बॉयफ्रेंड भी है। और सुन उसका बॉयफ्रेंड आर्मी में जॉब करता है, साले जिस दिन यह बात उसका बॉयफ्रेंड जान जाएगा ना तुझे तेरे गांड में गोली मारकर जाएगा।" अभिषेक ने थोड़ा तेज आवाजों में बोला।
"अबे तो मैं क्या करूं? मैं थोड़ी ना उससे प्यार करने गया था। यार पता नहीं बात करते-करते कब उससे प्यार होने लगा कुछ पता ही नही चला।" मैंने कहा।
"यानी तुम अभी तक उसे प्रपोज नहीं किया है ? " अभिषेक ने शक के नजरों से बोला।
 "हां यार अभी उसे प्रपोज नहीं किया हूँ।" मैंंन बोला।
"साले अगर प्रपोज ना किया है तो करना भी मत वरना ना घर के रहेगा ना घाट का " उसने कहा।
 " भाई प्रपोज अगर नेहा ही कर दे तो ?" मैने बोला।

"देखो राजीव मैं कुछ भी बोलूंगा वह तुम्हारे लिए सही ही होगा। मैं उस लड़की को बहुत अच्छी तरह से जानता हूँ, यार वह लड़की अच्छी नहीं है । मैं तो बस इतना ही कहूँगा की तुम उससे दुुुर रहो बाकी तुम्हारी मर्जी।" अभिषेक बोला।
" ठीक है यार आज के बाद मैं नेहा को कॉल या मैसेज नहीं करूंगा।" मैंने बोल ।


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उस दिन तो मैंने अभिषेक को बोल दिया था कि मैं अब कभी भी नेहा को मैसेज या बात नहीं करूंगा लेकिन पता नहीं यार उसी शाम को जब नेहा का मैसेज आया तो मैं खुद को रिप्लाई करने से नहीं रोक पाया । मैं उसके मैसेज का रिप्लाई करता रहा और बातें करते-करते फिर अगले दिन नेहा ने ही मुझे प्रपोज कर दिया ।
भाई मैं लड़का हूं और अगर इतनी सुंदर लड़की साक्षात भगवान को भी प्रपोज करेगी तो शायद भगवान भी इनकार नहीं कर पायेगें तो भला मैं कैसे इनकार करता । और इनकार भी क्यों करता, मैं तो उसे पसंद करता था। यहां तक कि मैं ही उसे प्रपोज करने वाला था । यह तो भगवान का अच्छा कृपा रहा कि नेहा ने ही मुझे प्रपोज कर दी । 
मैंने बिना समय गवाएं नेहा का प्रपोजल कबूल किया और बदले में मैंने भी आई लव यू टू यू वेरी मच का रिप्लाई दिया। फिर हमारी बीच प्यार की ऐसी बॉन्डिंग बनने लगी कि अब अभिषेक को बिना बताए ही अपने घर जाने की बहाने राजगीर जाकर नेहा से मिलने लगा। 
कभी फैमिली रेस्टोरेंट तो कभी गीतांजलि रेस्टोरेंट तो कभी गोदावरी तो कभी वृंदावन होटल । ना जाने कितने बार हम-दोनों ने एक दूसरे के साथ टाइम स्पेंड किया।
        सब कुछ हमारे बीच अच्छे चल रहें थे। फिर अचानक से मुझे ऐसा महसूस होने लगा । यार अब नेहा मुझे कम भाव देने लगी है। पता नहीं इसका क्या कारण हो सकता है। मैंने इस बात को जानने की कोशिश किया फिर मुझे ऐसा लगने लगा , शायद अभिषेक सही कह रहा था । नेहा की एक बॉयफ्रेंड है जो आर्मी में जॉब करता है । अब शायद उसी में कुछ ज्यादा ही इंवॉल्व रहने लगी थी। जब मैंने नेहा को यह बात पूछी तो उसने बहुत आसानी से कबूल कर ली। 
" हां ,मेरा एक बॉयफ्रेंड है कुंदन और वह आर्मी में जॉब करता है" नेहा बिना डर या बिना संकोच के बोली।

" अगर तुम्हारा पहले से ही बॉयफ्रेंड है तो फिर तुम मेरे साथ यह सब क्यों कर रही हो ?" मैंने नेहा से बोला।

 "यार राजीव तुम भी ना कैसे-कैसे बात कर रहे हो ! राजीव मैं तुम्हें पसंद करती हूं । हां मैं यह मानती हूँ कि मेरा बॉयफ्रेंड है और मैं उसके साथ भी रिलेशनशिप में हूं। लेकिन इसका मतलब ऐसा नही है की मैं तुम से प्यार नही करती हूँ। " नेेहा बोली।
" नेहा तुम सिर्फ मुझे ही नही बल्की तुम अपने बाँयफ्रेंड कुन्दन को भी धोखा दे रही हो।" मैने थोड़ा गुस्से में बोला था।
" कुन्दन आर्मी में जिसके कारण उसे ज्यादा छुट्टी नही मिल पाती है और वह पीछले 6 महीने से मिलने नही आया था । उस अकेलेपन के कारण मैं तुम्हारे साथ आ गयी थी।"  नेहा ने मेरे हाथ को छूते हुए अपनी बात को खत्म की।

"नेहा तुम किसी की फीलिंग के साथ ऐसा कैसे  कर सकती  हो ?  तुमने मेरी फीलिंग को मजाक क्यों बनाया आखिर इसमें में मेरा  क्या गलती था ?" मैंने बोला । 

" यार मैं उस समय  खुद को कुछ दिनों से बहुत अकेला महसूस कर रही थी और इस अकेलेपन में मुझे तुम मिले और मैं तुम्हारे करीब आ गयी " नेहा बोली ।

" तुमने अपनी स्वार्थ के लिए मुझे इस्तेमाल की , तुम एक नम्बर की  *****  हो।" मैंने गुस्से में बोला था ।

" राजीव तमीज से बात करना , मैं अब तक चुप हूँ इसका मतलब यह नही की मैं तुम्हे जबाब नही दे सकती । और हाँ कान खोल कर सुन लो , मुझे तुम्हारे करीब आने से सिर्फ मुझे ही फायदा नही हुआ हैं बल्कि तुम्हे भी फायदा हुआ हैं। आखिर तुमने भी तो मेरे साथ इंजॉय किया हैं.और ये प्यार-व्यार का सेंटी ड्रामा बंद करो । एक लड़के को जो चाहिए वो मैंने तुम्हे दिया हैं।" इस बार नेहा अपनी ऊँगली मेरे तरह कर के बोली थी।

 उस वक्त मुझे खुद से घृणा हो गयी थी , आखिर मेरी पसंद इतनी गिरी हुई कैसे हो सकती हैं। मैंने एक ऐसी लड़की से प्यार किया जिसे प्यार क्या ? प्यार जैसे शब्द से भी को लेना देना नही था । उसने मुझसे प्यार सिर्फ अपनी अकेलेपन और जिस्म के भूख दूर करने के लिए की थी।

"देखो राजीव अगर तुम्हें लगता है कि मैं तुम्हारी फीलिंग के साथ खिलवाड़ की हूँ तो इसके लिए मैं क्षमा चाहती हूं। मगर यह कभी मत सोचना की मैं कुंदन से प्यार करती हूँ तो अब मैं तुम से प्यार नही करूंगी। अगर तुम्हें कभी भी मेरी जरूरत पड़े तो मुझे कॉल करना या फिर तुम कभी भी मेरी कमरे में आ सकते हो और हां जितना हक मेरी  जिस्म पर मेरे बॉयफ्रेंड कुंदर का  है, उतना ही हक मेरे जिस्म पर तुम्हारा भी है। इसे तुम जब चाहो  इस्तेमाल कर सकते हो।" नेहा ये सारी बहुत ही आसानी से कह गयी जैसे मानो यह कोई समान्य बात हो । 
उस वक्त मुझे गुस्सा कम और हैरत अधिक हो रही थी आखिर कोई लड़की इतनी बेशर्म, बेहया कैसे हो सकती है।

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" तो राजीव कल का क्या प्लान  करते हो ? OYO (ओयो) से होटल के कमरा बुक करूं या फिर तुम्हारे रूम पर ही चली आऊं। लेकिन हां इस बार यार कंडोम मत लेकर आना।इस बार  मैं तुझे महसूस करना चाहती हूं .......। नेहा को इससे आगे बोलने से पहले ही उसके गाल पर एक जोरदार थप्पड़  जड़ दिया।

"साली ,कुत्ती...  वैश्या वाली हरकत मेरे सामने मत करना। मैं तुझे एक अच्छी लड़की समझ कर प्यार किया था और तुम ...... छी..छी... ।  मुझे तो अब तुम्हारे बारे में सोच कर भी घृणा आ रही  है।


                                       उस घटना के बाद  मैं खुद को नॉर्मल करने के लिए कुछ दिनों के लिए पटना से अपने गांव चला गया था। मुझे वहां भी नेहा की बातें और उसके साथ बिताया गया पल बहुत याद आ  थी और कभी कभी उसकी इन हरकतों के कारण खुद को ही कोसता  भी  था। आखिर मैं कैसे उस गंदी लड़की के रिलेशनशिप में पड़  गया था ।

                    एक दिन मैं छत पर बैठकर यूट्यूब पर कुछ वीडियो देख रहा था। उसी बीच मेरे मोबाइल पर एक अननोन(Unknown) नंबर से कॉल आया।

"Hello , कौन?" मैंने बोला।
"राजीव बोल रहे हो?"
 "हां, मगर आप कौन हो ?"
 "मैं कुंदन बोल रहा हूँ । नेहा को जानते हो?" फ़ोन से आवाज आ रही थी ।

मैं कुंदन  का नाम सुनकर थोड़ा सा चौक गया फिर मुझे समझ में आया कि यह कुंदन नेहा की  बॉयफ्रेंड है। मैं सोचने लगा कि उसका बॉयफ्रेंड मेरे पास कॉल क्यों किया है?
" कौन नेहा ?" मैं अनजान सा बोला ।
"वो ही नेहा जिसके रिलेशनशिप में हो।" इस बार उसका आवाज थोडा कडक था ।
"पहले तो मैं आपको बता दूँ की मैं किसी रिलेशनशिप में नही हूँ और दूसरी की   मैं किसी नेहा को नही जानता हूँ ।" मैंने साफ़ शब्दों में बोला ।

"देखो ज्यादा होशियार मत बनो,नेहा और तुम्हारे रिश्ते के बारे में मुझे अच्छी तरह से जानकारी हैं। मैं तुम्हें उससे  मिलने या कॉल करने से मना करने के लिए तुम्हारे  पास कॉल नही किया हूँ । मुझे इससे  कोई प्रॉब्लम नहीं है। जब नेहा ने ही  मुझसे चिट (धोखा ) की तो मैं तुम्हें क्या समझाऊं। मैंने उस पर बहुत  भरोसा  किया था  मगर उसने ही  मेरे भरोसा  को तोड़ी  तो फिर तुमसे क्या उम्मीद रखूं बस तुम्हें यह समझाने के लिए कॉल किया हूं, नेहा के पेट में जो तुम्हारे पाप पल रहे हैं उसका इल्जाम मेरे पर मत लगाना और नेहा और उस के पेट में पल रहे अपने पाप को खुद ही संभालो।"  कुंदन ने यह बातें मुझे लगभग गुस्सा करते हुए बोला।

मुझे समझ नहीं आ  रहा था  आखिर यह बोल क्या रहा है?  क्या नेहा प्रेग्नेंट है ? अगर नेहा प्रेग्नेंट है भी तो  उसका जिम्मेवार मैं कैसे हो सकता हूं?

"कुंदन आपको गलतफहमी हुआ है। हम दोनों के बीच कुछ ऐसा नहीं हुआ है।....... हां ये बात सही हैं की हम लोग एक-दुसरे को  जानते हैं । हम सिर्फ एक अच्छे दोस्त थे।" मैंने बोला ।

" बेटे मुझे बेवकूफ समझने की कोशिश मत करो" कुंदन बोला।
" क्या आप मुझसे  मिल सकते हो ?" मैंने बोला।
"हां  ऑफ कोर्स।"
"तो हम लोग कल सुबह 9:00 बजे सेंट्रल पब्लिक स्कूल के पास मिलते हैं।" मैं  इतना बोल कर कॉल डिसकनेक्ट कर दिया।

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अगले दिन हम लोग सुबह ठीक 9:00 बजे सेंट्रल पब्लिक स्कूल के खेल मैदान में बैठे थे।
मैं अपनी और नेहा के रिलेशनशिप के बारे में पूरी कहानी कुंदन को बता दिया था। और मुझे लगता हैं मैंने उसे सही तरह से समझाने में  भी कामयाब हो गया था ।

"तो तुमको कहना है तुमने सेक्स करते समय हमेशा  कंडोम का इस्तेमाल किया था।" कुंदन बोला।
"हां " मैंने गर्दन हिलाते हुए एक बार फिर से दुहराया बोला।
"उसके पेट में पल रहे  बच्चा तुम्हारा  नहीं है और मेरा भी नहीं है क्योंकि मैंने लगभग 7 महीने से उससे मिला नहीं हूँ । और पेट में पल रहा है बच्चा 140 दिन के आसपास का ही है । तो फिर कौन है उसका बाप ?"  कुंदन ने कुछ दिमाग लगाते हुए बोला।

"लेकिन आपको यह पता कैसे हुआ कि उसके पेट में पल रहा बच्चा  का उम्र 140 दिन के आसपास है?" आपको नेहा बतायी हैं ?" मैंने बोला।

"नहीं, वह  मुझे अब तक कुछ भी नहीं बताई है। वह तो मुझसे शादी करने का दबाव बना रही है वह चाहती है हम दोनों जल्द से जल्द शादी कर सेटल हो जाए ताकि उस बच्चे का बाप मुझे बनाया जा सके "
"तो फिर तुम्हें कैसे पता हुआ?"

" मैं जब भी ड्यूटी से छूटी लेकर बिहार आता था तो  सबसे पहले नेहा से  मिलने उसके हॉस्टल चला जाता था। इस बार उसके लिए एक Iphone खरीदा था और उसे सरप्राइज देने के लिए बिना बताये ही उसके हॉस्टल में चला गया था । उसके कमरे की दो चाबियां थी ,एक वो अपने पास रखती थी और दूसरी चाबी  दरबाजे के उपर ही छुपा कर रखती थी । वैसे वह मेरे लिए ही चाबी छुपा कर बाहर रखती थी ताकि कभी मैं आ जायुं उसके अनुपस्थिति में तो उसके कमरे में जाकर आराम कर सकूं ।  इस बार भी मैं सीधे उसके हॉस्टल चला गया था । जब उसके कमरे में गया तो उसके स्टडी टेबल पर एक प्रेगेंसी मेडिकल रिपोर्ट पड़ी थी । मैंने देखा उस पर नेहा की  नाम,उम्र और पता लिख हुआ था । यह देख कर मेरा तो होश ही उड़ गया था।मैंने उस रिपोर्ट को अपने मोबाइल से फोटो खीचा  और उस रिपोर्ट को वैसे ही रख कर दूसरी तरफ बैठ गया। मैंने कुछ देर बाद नेहा को वापस आने की आवाज सुनाई पड़ी " कुंदन बोला ।  

" कुंदन तुम ?  वाह! कैसे अचानक पहले बता दिया होता मैं बस स्टॉप पर तुम्हें लेने आ जाता  नेहा कमरे में आते के साथ ही आश्चर्य होकर बोली थी ।" कुंदन ने कहा ।

उसके चेहरे पर डर और आश्चर्य दोनों दिख रहा था। मैंने वहां पर खुद को किसी तरह से नॉर्मल दिखाने का कोशिश  किया और मैंने उस  मेडिकल रिपोर्ट टेस्ट के बारे में कुछ भी नहीं बातचीत किया। फिर कुछ देर बाद उसने लुसेंट पब्लिकेशन वाली एक बड़े से किताब को उठाकर उस मेडिकल रिपोर्ट को ढकने की कोशिश की मैं तिरछी नजर से उसे देख रहा था। उसके बाद नेहा मेडिकल  रिपोर्ट और बुक एक साथ उठाकर अपनी किताबों वाली अलमीरा में डाल दी।
उसके बाद वह मेरे पास आकर बैठ गयी और  बातें करने लगी। कुछ मिनट बाद ही वह  मेरे होठों को चूमने लगी थी । मगर मैं उस वक्त कुछ भी करने की मुंड में नहीं था। मन तो कर रहा था उसे उसी वक्त उस रिपोर्ट के  बारे में पूछ लूँ।मगर मैंने ऐसा नहीं किया।
                                 मैं किसी तरह उस रात उसके साथ बिताया और सुबह ही वहां से निकल गया। वहां से निकालने के बाद मैं उस मेडिकल रिपोर्ट देने वाली पते पर पहुंच गया। 

"क्या यह रिपोर्ट यही की है ?" वहां के डॉक्टर से  बात किया।
"हां" वहां के एक डॉक्टर ने बोला ।

मैंने नेहा की फोटो दिखाते हुए पूछा -," क्या  यही लड़की आई थी टेस्ट के लिये? " 
पहले तो डॉक्टर  ने बताने से साफ़ मना कर दिया मगर मैंने किसी तरह उससे जानकारी ले लिया और पुष्टि हो गयी की यह नेहा की ही प्रेगेंसी टेस्ट रिपोर्ट हैं ।
"इस लड़की के साथ एक लड़का भी था।" डॉक्टर ने कहा।
"लड़का?..."  मैं खुद से बुद-बुदा कर बोला।

"मैंने उस हॉस्पिटल के स्टाफ़ और डॉक्टरों से अनुरोध किया कि आप दिन का cctv फुटेज दिखा सकते हैं। उस हॉस्पिटल में दरवाजे और मरीजों के बैठने वाली जगह पर बड़े-बड़े दो सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ था। मैं अब तक उसे अपने बारे में बता चुका था, मैं आर्मी में हूँ। शायद यही कारण था उसने फुटेज दिखाने से इंकार ना किया और  उस दिन का फुटेज दिखाया । उस फुटेज में मुझे तुम दिखे और उसके बाद मैंने नेहा के jio नम्बर का उसके  ही मोबाइल से Myjio Apps से उसके फ़ोन के 90 दिनों का कॉल डिटेल्स निकाल कर अपने ईमेल पर ट्रांसफर कर लिया । उसके बाद मैंने उसके कॉल डिटेल्स का गौर से देखा , 90 दिनों में सबसे अधिक बात तुम्हारे नम्बर पर हुआ था। मैंने तुम्हारा नाम जानने के लिए True Caller का इस्तेमाल किया और फिर उस नम्बर को Facebook के सर्च बार में सर्च किया तब तुम्हारा प्रोफाइल निकला , तुम्हारे फेसबुक  टाइमलाइन पर तुम दोनों को एक  साथ फोटो में देख कर मैं समझ गया था कि तुम लोग रिलेशनशिप में जरुर हो।" कुंदन ने यह बोल कर अपनी बात खत्म की ।

" हाँ , मुझे अच्छी तरह से याद हैं ,ब्रेकअप के कुछ दिन पहले मैं नेहा के साथ उस हॉस्पिटल में गया था। मगर प्रेगेंसी टेस्ट के लिय नही बल्कि उसके पेट में जकडन हो रही थी। वहां जाने के बाद मैं  हॉस्पिटल  में मरीज के लिए बने इन्तजार कक्ष में बैठा था और  वह डॉक्टर से जाकर मिली थी और मेरे 1-2 घंटे  इन्तजार करने के बाद  वह डॉक्टर से मिल कर आई थी।" मैंने कहा।


(नीचे कुछ टाइपिंग error हैं , इसे  सही किया जा रहा हैं कृपया यहाँ से बाद में पढ़ लीजियेगा )


"तो अच्छा तूने एक नई कहानी बना ली"  कुंदन ने मुझसे कहा।

 "मैं सच बोल रहा हूं मुझे उस दिन यह पता नहीं थी कि वह प्रेगनेंसी टेस्ट करवाने जा रही है। वह मुझसे बोल रही थी उसकी तबीयत खराब है इसलिए मैं वहां पर गया था।अगर मुझे पता होता उसे  प्रेगनेंसी टेस्ट करवाना है तो मैं कभी नहीं जाता और भला मैं क्यों जाता? मैं तो उसी वक्त उससे ब्रेकअप कर लेता क्योकि  .......खैर! क्या बोलूं ? ,आपको तो मेरी बातों पर यकीन ही ना हो रही हैं।" मैंने उदासी के साथ बोला।
 "देखो राजीव मैं यहां पर कोई बेवकूफ हरकते नहीं करूंगा और मुझे तुम पर गुस्सा भी नहीं आ रहा है कि तूने मेरे गर्लफ्रेंड के साथ गलत किया हैं । यार मैं नेहा से सच्चा प्यार करता था और मैं उसी से शादी भी  करने वाला था। घरवाले तो लगभग मान ही चुके थे।


 शायद अगले महीने हमारी अरेंजमेंट भी हो जाती खैर नेहा  नेहा मेरे साथ चीटिंग की तो मैं तुझे क्या बोलूं कुंदन ने लगभग सो सकते हुए बोला मुझे यकीन नहीं हो रहा था या आर्मी वाले इतने कमजोर होते हैं और इतने आराम से भी बात कर सकते थे मगर फिर मुझे समझ में आया यार यह प्यार भी ना किसी से कुछ भी करा देता मैं कुछ समय तक चुप ही रहा।
 राजीव मैं यहां तुम्हें डराने धमकाने के लिए नहीं आया हूं या नेहा मुझसे शादी करने के लिए दबाव बना रही है तो बोल रही है मेरे घर चला जाएगी और मेरे घर में यह सारी बातें बता देंगे यार मैं घर वालों को किस किस तरह से मनाया था अगर वह यह सब जान जाएगी तो यार मैंने तो घर के रहूंगा ना घाट का यार अगर तुम्हारा वह बच्चा है तो तुम उसे हंसते वक्त करो फरिहा का अपने साथ लेकर कहीं दूर चले जाओ मैं घर वालों को बोल दूंगा मैं नेहा से शादी नहीं करना चाहता हूं मैं तुमसे यही चाहता हूं।

 कुंदन को इस तरह से गिड़गिड़ा था देख मुझे अजीब लग रहा था मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या बोलूं और मैं उसके पेट के बच्चे का बाप मैं क्यों बनूं और भला मैं कैसे बनूं मैं तो खैर।
कुंदन मैं आपको और आपकी फैमिली को रिस्पेक्ट करता हूं लेकिन हम नेहा को कैसे अपना सकते हैं यार हम दोनों के बीच अनबन चल रही है कुछ दिनों से हमारी बातचीत बंद हो चुकी हमारी ब्रेकअप हो चुकी है और मैं उस बच्चे का बाप भी नहीं हूं मैं उसके साथ दोबारा नहीं जा सकता मैं उससे शादी नहीं कर सकता हूं मैंने लगभग तैइस में बोला था
राजीव मैं अब तक तुमसे प्यार से बात कर रहा था अगर ज्यादा बकबक किया ना तो साले यहीं पर गांड में गोली मार कर चला जाऊंगा समझ रहा ईश्वर कुंदन ने तो मुझे मैं चुप रहा
 क्या हम ऐसा कर सकते हैं नेहा से बात कर लेते हैं वह किसके साथ रहना चाहती है मुझे उम्मीद था कि नेहा कभी भी मेरे मेरे साथ नहीं रहना चाहेगी क्योंकि मेरे पास तो कुछ क्योंकि सरकारी नौकरी वाले लड़का कुछ होता है भला कौन मेरे साथ आना चाहेगा
 साले तुम मुझे बेवकूफ समझते हो नेहा मेरे साथ ही रहने के लिए बोल रही है लेकिन मैं उसके साथ नहीं रहूंगा वह गुस्से में इतना बोल कर वहां से उठ खड़ा हुआ मैं भी खड़ा हो गया कुछ देर शांत होने के बाद हम दोनों  वापस चले आए।

क्या  यही प्यार है ?। स्कूल लव स्टोरी इन हिंदी। Love feeling best romantic love story । Hindi love stories। classmate ke sad love story in hindi

 वहां से आने के बाद मैं अपने कमरे में लाइट बंद कर कर इस बात को सोच रहा था आखिर मैं इस लफड़े से कैसे बाहर निकलो मैं अभिषेक को भी यह सारी बातें नहीं बता सकता था क्योंकि वह मुझे पहले ही कई बार समझा चुका था नेहा के चक्कर में मत पड़ वरना ना घर का रहेगा ना घाट का वह तुम्हें बर्बाद कर कर छोड़ेगी इसीलिए मैं इस मामले को अपने रूम पार्टनर अभिषेक को भी बताना नहीं चाह रहा था कुछ सोच ही रहा था कि अचानक से मेरे मोबाइल की रिंग बजे मुझे लगा फिर सड़क कुंदन ही होगा
मैंने देखा ट्रूकॉलर खुशबू नाम लिख रहा था मैं मन ही मन सोचा सलाई अब यह कौन है कहीं यह अभिषेक का गर्लफ्रेंड तो नहीं की कॉल मुझे ऐसा इसलिए लग रहा था क्योंकि खुशबू कई बार मेरे फोन पर सॉरी अभिषेक ने कई बार मेरे फोन से अपने गर्लफ्रेंड से बात किया था मगर होगा कभी भी मेरे नंबर पर कॉल नहीं की थी वैसे भी लड़कियां अपने बॉयफ्रेंड से बात करने के लिए कब कॉल करती है हमेशा तो लड़के को ही करना पड़ता है मैं इन सारी बातों को छोड़कर फोन रिसीव किया
हेलो मैंने बोला
 हेलो मैं ख़ुशबू बोल रही हूं दूसरी तरफ से आवाज आ रही थी
 ओ अच्छा वैसे अभिषेक का कॉल नहीं लग रहा था क्या
 राजीव मैं तुमसे बात करने के लिए कॉल किया हूं खुशबू ने बोली
 सबसे पहले तुम मुझे कुछ देर तक समझ नहीं आई आखिर खुशबू मुझसे बात क्यों करना चाह रही थी मैं फिर उसने बताया जो बताए उसे सुनकर तो मेरा होश ही उड़ गया वह बोल रहे थे मुझसे प्यार करने लगे हैं मुझे अजीब लग रहा है साला मेरे दोस्त का गर्लफ्रेंड बोल रही है मुझे क्या वह मुझसे प्यार करने लगी है मैंने उसे समझाने की कोशिश किया कि देखो यह सब गलत है
 राजीव मैं तुमसे प्यार करती हूं यार यार अब तुम मुझे अच्छा लगने लगे हो प्लीज मुझसे बात करो ना खुशबू ने रिक्वेस्ट करते हुए बोली
 देखो खुशबू तुम मेरी दोस्त की गर्लफ्रेंड हो मैं तुमसे बात प्यार क्या मैं तुमसे बात भी नहीं कर सकता हूं अरे यार वह मेरा रूम पाटनर है मेरा दोस्त है उसके साथ में धोखेबाजी करो मुझे अच्छा लगेगा देखो अभिषेक बहुत अच्छा लड़का है वह तुमसे प्यार भी बहुत करता है तुम मुझसे बात करो तुम उसी से प्यार करो और वैसे भी मैं पहले से ही परेशान हूं नेहा को लेकर मैंने उसे समझाते हुए बोला
 तुम अभिषेक के बारे में सोच रहे हो उसने कभी तुम्हारे बारे में सोचा है नेहा ने थोड़ी तेज आवाज में होली
 तुम्हारा कहने का मतलब क्या है वह मेरे बारे में नहीं सोचता
 अगर वह सोचता तो वह तुम्हें पहले ही बता देता नेहा और अभिषेक के बीच में क्या रिश्ता था
 क्या नेहा और अभिषेक 1 मिनट एक मिनट बात को जरा फिर से रिपीट करना क्या बोल रही हो नेहा और अभिषेक के बीच कुछ था मैंने आश्चर्य से होकर बोला।
 हां नेहा अभिषेक की गर्लफ्रेंड थी उससे ब्रेकअप होने के बाद ही हो वह मेरा बॉयफ्रेंड बना था लेकिन तुम कैसा दोस्त हो उसने तुम्हें अब तक बताया नहीं कि नेहा उसकी एक्स है।
 देखो खुशबू खुशबू मैं पहले से ही परेशान हूं और तुम अब ज्यादा परेशान मत करो यह बातें बताकर झूठी बातें बताकर हो सकता है तुम्हारे और अभिषेक के बीच में झगड़ा हुआ हो इसे शायद तुम्हारी गुस्से में उसके बारे में ऐसा बोल रही हो ठीक है मैं फोन रखता हूं बोलकर मैं call disconnect कर दिया
 call डिस्कनेक्ट होने के कुछ सेकंड बाद वह दोबारा कॉल की।
 राजीव मैं तुम्हें बस इतना समझाना चाहती हूं कि अगर वह तुम्हारे साथ इतना गलत कर सकता है तो मैं क्या तुझसे बात भी नहीं कर सकती हूं तो क्या तुम मुझसे बात ही नहीं कर सकते हो रियली राजीव मैं तुमसे पसंद करने लगोगे यार प्लीज आई लव यू अगर तुम्हें मेरी बात पर कि नहीं हो रहा है ना खुद तुम नेहा से बात करके पूछ लेना उसके बीच और अभिषेक के बीच में कुछ था या नहीं Neha इतना बोल कर कॉल डिस्कनेक्ट कर दी।
 मैं पहले से परेशान था ही लेकिन अभिषेक और नेहा के बात सुनकर में और ज्यादा परेशान हो गया सनम मुझे समझ में ही नहीं आ रहा था क्यों मेरी गर्लफ्रेंड नेहा के साथ मेरा दोस्त रूम पार्टनर का पहले से ही चक्कर था अगर इसका और नेहा के बीच में कुछ था तो वह मुझे क्यों नहीं बताया मैं यह सोच सोच कर परेशान हो रहा था उसी वक्त अभिषेक ने कमरे में आया

 बोलो मेरे देवदास क्या हुआ मुंह लटका कर क्यों बैठे हो अब से कमरे में आते के साथ हूं मेरे पास आकर बोला
 मैं अभिषेक की बातों का कोई जवाब नहीं दिया
साले हुआ क्या इस तरह से क्यों मुंह लटका कर बैठे हो अभिषेक ने  दोबारा बोला
 अभिषेक मुझे तुमसे कुछ बात पूछना मैंने बहुत हूं उदास और धीमे स्वर में बोला
 हां पूछ मगर साले इतना उदास होकर मत पूछना कुछ ने मजाकिया लहजे में बोला
अभिषेक तुम्हारे और नेहा के बीच में पहले से कुछ था क्या तुम दोनों एक दूसरे को प्यार करते थे मैंने बोला
वैसे किस नेहा के बात कर रहे हो क्या तुम अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में बोल रहे हो
हाँ चुतिये मैं उसी नेहा के बाद बारे में पूछ रहा हूं मैंने चढ़ते हुए बोला
 भाई तुम पागल हो गए हो क्या भला तुम्हारी गर्लफ्रेंड के साथ मेरा क्या रिश्ता रह सकता है उसने अपने चेहरे पर विचित्र भावना ते हुए बोला।
देखो अभिषेक मुझे जानकारी हो गई है तुम्हारे और नेहा के बारे में अच्छा यह होगा कि तुम जो कुछ भी है तुम्हारे बीच वह सच सच बता दो

 कुछ समय तक अभिषेक तू चुप रह उसके बाद बोलना शुरू किया हां हम दोनों के बीच पहले कुछ था वह मेरी गर्लफ्रेंड थी खुशबू से पहले मैं उसी से प्यार करता था हम दोनों के बीच अच्छा रिश्ता था लेकिन वह मुझसे प्यार नहीं करते थे वह मुझे चैटिंग कर रही थी मुझे यह बातें जैसे ही पता चला मैं उससे ब्रेकअप कर लिया और उसी बीच मुझे नेहा के फ्रेंड खुशबू ने प्रपोज किया था जो हमारी ब्रेकअप हो गई थी तब खुशबू मुझे फेसबुक पर जुड़ी थी और फेसबुक से ही हम दोनों के बाद शुरू हुआ फिर नंबर चेंज हुआ फिर एक दूसरे से प्यार करने लगे लेकिन खुशबू नेहा से बिल्कुल अलग लड़की है इसलिए मैं इस पर बहुत विश्वास करता हूं बट पीछे जो कुछ भी हुआ मैं उस बात को भूल चुका हूं और बस मेरी जिंदगी में मेरे लिए सब कुछ खुशबू ही हो और दोस्त इसलिए तुम्हें बार-बार समझाता था कि नेहा के चक्कर में मत करो वह तुम्हें बर्बाद कर देगी लेकिन मैं तुम्हें खुलकर नहीं बताना चाहता था मैं अपनी एलियन अपने प्यार में हुए धोखे को तुमसे शेयर नहीं करना चाहता था क्योंकि मैं उस वक्त नेहा को बहुत प्यार करता था और उसकी बेवफाई मुझे आज तक बहुत दर्द देता है दोस्त मुझे माफ करना कि मैंने से पहले तुम्हें नहीं बताया था यह बोलकर अभिषेक गेट के पास जाकर खड़े हो गया वह मेरी तरफ मोड़ा उसके आंखों में हल्की सी आंसू डबडबा गई थी मैंने अब तक अभिषेक का यह रूप कभी नहीं देखा था मुझे नहीं लगता था कि वह इंसान कभी रो सकता है जो हर छोटी-छोटी बातों पर हंसा करता है मैं नहीं जानता था वह अपने दिल में किसी बेवफाई का दर्द छुपाए बैठा है
यार फिर भी तुम मुझे बता सकता था ना मैंने बोला
 भाई तूने मुझे बताने का मौका ही कब दिया जब तुम दोनों के बीच बातचीत शुरू हुआ था तब तूने मुझे जानकारी होने कहां दिया था जब तक मुझे पता लगा तब तक तुम उसके प्यार में बहुत अधिक पड़ चुके थे और उस वक्त बता कर मैं तुझे दुख नहीं पहुंचाना चाहता था मुझे लगा था कि अब नेहा सुधर गई होगी और इसलिए शायद तुम्हें वह अच्छा लगने लगी हो और सब कुछ नॉर्मल हो रहा होगा। अभिषेक ने कहा
 लेकिन अगर तुम दोनों के बीच ब्रेकअप हो चुका था तो फिर तुम लोग राजगीर घूमने वक्त साथ साथ क्यों गया था
भाई मैं उसे नहीं लेकर जाना चाहता था लेकिन नेहा खुशबू की फ्रेंड है और उसी ने मुझे बोली थी कि अगर हम नेहा को साथ लेकर नहीं जाते हैं तो फिर नहीं जा पाओगे इसलिए मुझे उसके साथ लेकर जाना ही पड़ा और वैसे भी नेहा और खुशबू दोनों फ्रेंड थी तब उसे लेकर गई थी बाकी उसे ले जाने मेरा कोई साथ नहीं था और हम दोनों के बीच के रिश्ते और ब्रेकअप के बारे में खुशबू अच्छी तरह से जानती थी इसलिए शायद मुझे भी कोई दिक्कत महसूस नहीं हुआ उसे ले जाने में उसके साथ जाना
 हां बेटा तू सही बोल रहा है तुम्हारे ब्रेकअप के बारे में खुशबू अच्छी तरह से जानती है साले वह तुम्हारी गर्लफ्रेंड खुशबू आज मुझे प्रपोज कर रही थी और उसी ने तुम्हारे बारे में भड़क आई है मैंने तपाक से जवाब दिया
What क्या बकवास कर रहे हो उसके चेहरे से सारे रंग उड़ गए थे
 हां मैं सही बोल रहा हूं एक्टिव नहीं है तो यह देखो मैंने अभिषेक को अपने फोन का कॉल हिस्ट्री दिखाया
 हो सकता है वह मुझसे बात करने के लिए कॉल की होगी तुम्हारे नंबर पर
 नहीं  नहीं बेटे मैं तुझे कॉल रिकॉर्डिंग सुनाता हूं मेरे फोन में ऑटो रिकॉर्डिंग चालू हमेशा रहता है मैंने अपने फोन से हमारी बातचीत हुई ऑडियो को उसे सुनाया यह सुनने के बाद होगा बेड पर जाकर कुछ मिनटों तक लेट गया।

उसी दिन शाम में हम लोग जयप्रकाश पार्क में बैठे थे हम दोनों का बस दिमाग में एक ही बातें चल रहे थे आखिर हम दोनों को एक ही गम से गुजर रहे थे उसकी वादी ने उसे धोखा दिया और मेरी वाली ने मुझे अभिषेक के साथ और ही कुछ अलग बात था उसकी वाले ने उसके पार्टनर को प्रपोज किया यानी कि मुझे हम यह सोच रहे थे
यार तुम बोल रहे हो कि नेहा प्रेग्नेंट है और यह बात तुम्हें उसके बॉयफ्रेंड कुंदन ने बताया है और तुम कहते हो तूने उसके साथ जब भी सेक्स किया है कंडोम का इस्तेमाल किया है तो साले ओवर प्रेग्नेंट हुई कैसे अभिषेक ने बड़ा चिंता सूचक चेहरे पर भाव लाते हुए बोला।
 मुझे तो लगता है उस बच्चे का बाप कुंदन ही होगा अब साले को जब साले को मेरे और नेहा के बारे में पता चला होगा तो वह नेहा को छोड़ना चाहता होगा और उसे छोड़ने के लिए यह पाप की घड़ा मुझ पर खोलना चाहता वरना सलाम नेहा मां बन सकती है कैसे मैंने कहा
लेकिन जहां तक तुम बता रहे हो की कुंदन पिछले सात आठ महीने से ड्यूटी से छुट्टी पर घर नहीं आया है और उसके पेट में पल रहे बच्चे 140 दिन के आसपास की है तो फिर यह कैसे संभव हो सकता है।
हां यह बात तो तुम सही बोल रहे हो हो सकता है वह बच्चा 7 से 8 महीने का हो
अबे चुटिया तुम्हारा दिमाग खराब है क्या अगर बच्चा 7 से 8 महीने का होता तो नेहा की बंपर अच्छी तरह से देखा जा सकता था लेकिन तो वह उसके पेट में ऐसा कुछ चेंजिंग तो नहीं आया है 1 मिनट ऐसा करते हैं हम मेडिकल रिपोर्ट को कुंदन से मांगते हैं अभिषेक ने कहा।

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 मुझे आपसे एक बात यह पसंद आए मैंने कॉल कर कुंदन से उस मेडिकल रिपोर्ट को व्हाट्सएप करने को बोला
 भाई इस रिपोर्ट के अनुसार तो सच में बच्चा 2 से ढाई  महीने का ही है। अभिषेक ने चिंता जताते हुए बोला।

 हम दोनों व्हाट्सएप पर रिपोर्ट देखने के बाद एकदम से मौन हो गए थे हमारी समझ में नहीं आ रही थी कि करें तो क्या करें उस बच्चे को ना तो कुंदन अपना ना चाह रहा था और मैं तो अपना ही नहीं सकता था क्योंकि हमारी ब्रेकअप को हुआ लगभग 3 से अधिक महीने हो चुके थे मैं कुछ सोच ही रहा था की अभिषेक ने अचानक से बोल पड़ा।
 1 मिनट ऐसा तो नहीं कि नेहा अभी भी उससे संपर्क में है चौक ते हुए बोला।
किससे मैं चिंताजनक आवाज में बोला।
मैं उसी क**** के बारे में बोल रहा हूं जिसके कारण नेहा आर मेरे बीच प्यार का अंत हुआ था मेरा मतलब ब्रेकअप हुआ था अभिषेक ने कहा।
भाई पहले यह तो बताओ वह है कौन और कहां रहता है
नेहा जिस बिल्डिंग में रहती थी उसके मालिक का बेटा आदित्य साला एक नंबर का लौंडिया बाज है बाबा उस बिल्डिंग में रहने वाले अधिकतर लड़कियों से अपना टांका फंसा रखा था और इसमें से और उन लड़कियों में से एक नेहा की थी।
 क्या बात कर रहे हो इतनी गिरी हुई लड़की है 66 मैंने बरसाना मुंह चढ़ते हुए बोला।
हां यार पहली बार मैं भी उसे बहुत अच्छी लड़की समझता था लाखों में एक सपनों की रानी मैं तो उसके साथ पूरी उम्र मिटाने की ख्वाब देख चुका था हम दोनों ने कई बार राजीव को पहाड़ियों गुफाओं में एक दूसरे के हाथ थाम कर घुमा था और यूं ही ना हम लोगों ने कई कई रात होटलों में साथ में बिताए थे लेकिन जब मुझे उसके बारे आदित्य के बारे में पता चला तुम्हें भी हैरान हो गया था मुझे तो यकीन ही नहीं आ रहा था कि नेहा मेरे साथ ऐसा कर सकती है लेकिन आदित्य ने और नेहा को कई बार एक साथ घूमते देखा फोन पर बात करते देखा और एक दिन मेरे सामने ही नेहा पर मोबाइल पर आदित्य के कॉल आया उस वक्त नेहा बाथरूम में थी और उसका फोन मैंने रिसीव किया तो उससे बात हुआ उसके बाद मैंने आज्ञा से नंबर लेकर उसके बाद हमें मिला तो आदित्य ने मुझे सारी बातें बताएं फिर इस बात को लेकर हम दोनों के बीच झगड़ा हुआ इस बात को लेकर हमारी और नेहा के बीच झगड़े होना शुरू हो गया फिर उसने मुझे एक दिन मुझसे ब्रेकअप कर लिया कर ले शेख ने बोला इस वक्त उसके आंखें से आंसू निकल कर उसकी गाल पर जल की बूंदों से नीचे की तरफ टपक पड़ा
 लेकिन नेहा तो  अब किसी गर्ल्स हॉस्टल में रहती है मैंने कहा
 हां मगर हो सकता है अभी भी आदित्य और नेहा एक दूसरे के संपर्क में हो वैसे भी आदित्य और नेहा राजगीर में ही रहती है जब नेहा हम लोग पटना से उसके संपर्क में रह सकते थे तो क्या आदित्य अपने शहर से शहर में संपर्क में नहीं रह सकता है अभिषेक की बात में दम था मैं चुप रहा फिर अचानक बोल पड़ा।
अच्छा तुमने अभी बोला तुमने नेहा की मोबाइल से आदित्य का नंबर लिया था तो क्या अभी भी उसका नंबर तुम्हारे मोबाइल में है अगर है तो उस पर कॉल करते हैं मैंने कहा
 हां यार नंबर तो मैंने लिया था और मेरे पास था अभी लेकिन इस मोबाइल में नहीं है वह मेरा पुराने वाला फोन में एंड्रॉयड फोन में था जो फिलहाल मेरा छोटा भाई यूज कर रहा है
तो फिर अपने भाई से बात करके उससे नंबर निकलवा कर मांगो
अभिषेक ने अपना फोन निकाल कर तुरंत अपने भाई को कॉल किया मगर अफसोस उसके भाई ने बताया वह फोन लेने के अगले दिन ही फोन को रिसेट कर दिया था जिसके कारण उसमें से सारी डाटा खत्म हो गई थी आदित्य से संपर्क करने का सिर्फ एक ही रास्ता था कि हम लोग पटना से एक बार फिर राजगीर जाए और आदित्य से जाकर मिले लेकिन वहां जाकर जाने से आदित्य मिल ही जाएगा इसकी कोई गारंटी नहीं था हम लोगों का ऐसा मानना था हो सकता हो आदित्य अब वहां नहीं रहता या फिर कहीं अलग शिफ्ट हो गया होगा या कहीं पढ़ाई के लिए अलग हो गया होगा
मैं अभिषेक का मोबाइल अपने हाथों में लिया हुआ था और कांटेक्ट लिस्ट की ऊपर नीचे करके सभी कांटेक्ट को देख रहा था इसी बीच मैंने अभिषेक से बोला क्या तुम अपने भाई वाले मोबाइल में इसी ईमेल आईडी आईडी से लोगिन कर रखा था जो इसमें लोगिन है या फिर कोई दूसरा ईमेल आईडी था
 नहीं यार वह दूसरा ईमेल आईडी था मैं जब नया फोन लिया था तो उसमें एक नया ईमेल आईडी बनाकर लॉगइन किया था।
पुथु से पुराना वाला ईमेल आईडी याद है
 याद तो नहीं है लेकिन मोबाइल मेल आईडी मुझे मिल जाएगी मगर क्यों पूछ रहे हो पुराने ईमेल आईडी के बारे में।
 देख भाई अधिकतर एंड्रॉयड फोन में जो नंबर सेव होता है वह मोबाइल के इंटरनल मेमोरी के साथ ईमेल आईडी के स्टोरेज पर भी से होता है देख जिसे इस मोबाइल में यह तुम्हारा नंबर जो सभी सेव है जो इस मोबाइल की ईमेल आईडी में सेव है अगर तुम इसे दूसरे मोबाइल फोन में लॉगिन करोगी करोगे तो यह सारी नंबर उसने फोन में भी आ जाएगा यानी कि अगर हमारा नंबर कुछ पुराने ईमेल आईडी में सेव होगा तो हम इसमें लोगिन करेंगे तो फिर उस नंबर को इस में लाया जा सकता है यह सुनने के बाद अभिषेक एक चेहरे पर एक अलग ही चमक दिखने लगा उसे अब लगने लगा कि यार मैं आदित्य का नंबर खोजने लूंगा हम लोग निकल कर अपने कमरे में आ गया अभिषेक अपने सारे डॉक्यूमेंट को निकालने लगा उसने मुझे बताया था उसने बिहार पुलिस के फार्म भरते समय उसी ईमेल आईडी का यूज किया था और ईमेल आईडी उस बिहार पुलिस के फार्म भरने के समय मिले प्रिंट फार्म पर भी होगा प्रिंटेड हो सकता था यह सोचकर हम लोग उसके फाइल से बिहार पुलिस वाले उस डॉक्यूमेंट को खोज रहे थे।
 यह देखो मिल गई ईमेल आईडी उसने प्रिंटआउट मुझे देते हुए कहा हमने उस ईमेल आईडी को अपने मोबाइल में लॉगिन करने लगा।
 इसकी पासवर्ड क्या है मैंने पूछा
 भाई जब ईमेल आईडी याद नहीं रह सकता तो पासवर्ड कहां से जंग याद रहेगा
 ओके मैं देखता हूं हम लोगों ने ईमेल आईडी का पासवर्ड रिकवर किया उसके नंबर पर ओटीपी गया अब लॉगइन ईमेल आईडी लॉगिन हो चुकी थी हम लोग स्क्रॉल करके नंबर ढूंढ रहे हैं सर
 ब्राजील यही नंबर है उसका मिल गया यार गुप्त होते हुए
 अभिषेक उसके नंबर को आदित्य बहन चोद नाम से सेव कर रखा था हम लोगों ने उस नंबर को डायल किया उसका नंबर बिजी आ रहा था
कमी ना साला नेहा से ही बात कर रहा होगा अभिषेक ने कहा।
जब हम लोगों ने दो-तीन मिनट बाद ट्राई किया तो कॉल लग गए थे
साले तुम्हें मना किया था ना मेरे नंबर पर कॉल मत करना फिर कॉल क्यों कर रहा है आदित्य बोला
 थैंक्स मुझे भी तुमसे बात करने का कोई इंटरेस्ट नहीं है मैं तुमसे कुछ बातें पूछने के लिए फोन कर रहा हूं
 अभिषेक ने जितने बात भी आदित्य से पूछा वह किसी का भी सही ढंग से कोई जवाब नहीं दिया काफी प्रदान करने के बाद कॉल व डिस्कनेक्ट कर दिया
अब हम लोग सोच रहे थे आखिर क्या किया जाए आखिर कैसे वह समाज जानकारी हो सकती है किए आदित्य नेहा आदित्य का ही बच्चा है अगर होगा भी तो अदिति आखिर हम लोग को क्यों बताएगा हम लोगों ने फिर सोचा और कुंदन को इसके बारे में जानकारी दिया अब कुंदन मेरे और अभिषेक और आदित्य के बारे में जान चुका था उसे भी खुद पर ग्लानि महसूस हो रहा था आखिर होगा किस टाइप की लड़की को इतना प्यार कर रहा था यह सब जानने के बाद कुंदन हम लोगों को एक साथ राजगीर मिलने को बुलाया उसे हमें बताया था हम लोग बैठकर के इस पर डिस्कस करेंगे क्या करना है और क्या कुंदन ने आदित्य का नंबर मांगा कुंदन ने हमें उसे कौन आदित्य का मोबाइल नंबर मांग लिया था वह बोला इसे मैं समझ लूंगा तुम कल राजगीर बस स्टैंड के पीछे वाली ग्राउंड में मिल।

 अगले दिन हम सब यानी मैं अभिषेक आदित्य और कुंदन बस स्टैंड के पीछे वाले ग्राउंड में बैठे थे।
 तो तुम्हारा कहना है अब तुम्हारे और नेहा के बीच में कोई संबंध नहीं है कुंदन आदित्य से पूछा
मैं सच बोल रहा हूं 1 साल पहले ही हम दोनों के बीच से सभी रिश्ता खत्म हो चुका है जब से वाह मेरे बिल्डिंग से कमरा खाली कर हॉस्टल में गर्ल्स हॉस्टल में शिफ्ट हुई है उसके कुछ समय से बाद हम दोनों रिश्ते खराब हो गया है और हमारी ब्रेकअप भी हो चुकी है। आदित्य ने अपना सफाई देते हुए कहा
 बेटा ऐसा भी तो हो सकता है ब्रेकअप होने के बाद भी कभी-कभी माफी मांगने के लिए दोनों किसी होटल में रात बिताते होगे मैं थोड़ा व्यंग व्यंग रूप में बोला
 नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं है हां जब होगा मेरे बिल्डिंग में रहती थी तो सप्ताह के 3 से 4 रातें उसके कमरे में ही बैठी थी मेरी लेकिन अब उससे बात ही नहीं हो पाती है आदित्य ने कहा।
 देखो आदित्य मैं आर्मी में हूं पर अब तक मैं तमीज से बात कर रहा हूं मैंने अभी तक किसी से थोड़ी सी भी लूट ली रूडली बात नहीं किया अगर मेरा दिमाग खराब हुआ ना तो फिर तुम लोग सोच लेना मैं बस इतना ही चाहता हूं इस लड़की को मेरी जिंदगी से दूर करो वह मेरे फैमिली वालों को और मेरे पर शादी करने का दबाव बना रखी है पर मैं ऐसी लड़की से कभी भी शादी नहीं कर सकता जिसका सप्ताह के तीन से चार रातें तुम्हारे साथ गुजरता हूं देखो मुझे किसी बात का कोई दिक्कत नहीं है उसने मेरे साथ चीटिंग की या फिर कुछ भी किया हो मैं चाहता हूं वह जिसका बच्चा है यह जिससे वह प्यार करती है उसको उसे अपनाओ और उससे ब्याह करो और मुझे इन सब चीजों से दूर रखो यार मैं एक अच्छे फैंसी मिलाऊं करता हूं कड़वे शब्द से शुरुआत की और अंत होते-होते मुलायम आवाज में बोला।

क्या  यही प्यार है ?। स्कूल लव स्टोरी इन हिंदी। Love feeling best romantic love story । Hindi love stories। classmate ke sad love story in hindi


 मैं आप लोग को कैसे समझा मेरा और नेहा के बीच अब कुछ भी नहीं है आदित्य वाला
 भोसड़ी के तुम बोल रहे हो तुम्हारा अपने हक के बीच कुछ नहीं है यह बोल रहा है कुछ नहीं है अभिषेक बोल रहा है कुछ नहीं है और मैं जानता हूं कि हमारे बीच 7 से 8 महीने फोन से बात करने के अलावा 1 मिनट के लिए भी एक दूसरे से नहीं मिले मिले हैं तो फिर वह प्रेग्नेंट कैसी है इस बार कुंदन तेज आवाज में बोला था।
 ऐसा भी तो हो सकता है किसका कोई बॉयफ्रेंड और हो किसी और के साथ भी गुलछडी बुलाती हो मैं थोड़ा धीमे स्वर में बोला इस बार कुंदन गुस्से से मेरी तरफ देखा लेकिन कोई जवाब नहीं दिया।

 आदित्य पहले से कुछ सोच रहा था फिर अचानक भाई वह मेडिकल रिपोर्ट वाली फोटो दिखाना तो हम लोगों ने उसे देखा फिर मैंने सोचा यार इसे क्या हुआ बार-बार मेडिकल रिपोर्ट में मांग रहा है कुंदन अब उसमें क्या देखना है तुम्हें
 कुंदन ने अपनी मोबाइल निकाल कर मेडिकल रिपोर्ट की फोटो दिखाया फोटो देखते वक्त आदित्य कुछ ज्यादा है जासूसी जैसा लग रहा था।
 भाई मुझे लगता है ना यह मेडिकल रिपोर्ट गलत है देखो मैं जितने भी मेडिकल रिपोर्ट को देखा हूं उसके नीचे डॉक्टर का या फिर लैब का हस्ताक्षर जरूर होता है इसमें न तो कोई मोहर है और नहीं उस लाइव के डॉक्टर का हस्ताक्षर है आदित्य ने समझाते हुए बोला
 साले तुम्हारा दिमाग तो नहीं खराब है भला कोई लड़की खुद को प्रेग्नेंट बताने की कोशिश क्यों करेगी मैंने बोला
 हो सकता हो कुंदन की फैमिली इस रिश्ते से नाखुश है शायद इस को शायद कुंदन को और इसको इसकी फैमिली को ब्लैकमेल करके शादी करने की कोशिश के लिए ऐसा किया होगा अभिषेक ने बोला
 अभिषेक की बातों में दम था मैं चुप रहा और हम सभी लोग कुंदन की तरफ देखने लगे
 छुट्टी है अगर यह रिपोर्ट गलत रहते तो फिर जब हम लोग जब मैं डॉक्टर से मिलने गया था तो डॉक्टर ने ही बताया था कि वह प्रेग्नेंट है और नेहा के साथ राजीव भैया आया था कुंदन ने चढ़ते हुए बोला
जहां तक मैं जानता हूं वह डॉक्टर नेहा की फ्रेंड का कि जीजा है नेहा ने अपने फ्रेंड को बोल कर वह अपने जीजा से झूठ बोलकर यह सारी चीजें करवाई हो ऐसा भी तो हो सकता है इस बार कुंदन सॉरी इस बार आदित्य अपने बात को सब पर की बातों को दबाने के लिए काफी था कुंदन अभिषेक और मैं चुपचाप रहा फिर अभिषेक ने बोला तो फिर हम लोग कैसे पता कर सकते हैं या फिर चल दिए फिर डॉक्टर के पास
 इसकी जिम्मेवारी मुझ पर छोड़ दो उसके निक्के लाइफ में एक मेरा दोस्त है जो वहीं पर काम करता है मैं उससे कॉल करके पूछ सकता हूं  आदित्य ने बोला
 आदित्य के बात सुनकर हम सभी की सहमति बना और हम लोग उस मेडिकल रिपोर्ट की वेरीफाइड करने की कोशिश करने लगे आदित्य ने अपने पॉकेट से रेडमी नोट 4 का हैंडसेट निकाला और अपने दोस्त को कॉल किया।
 बोल बे क**** बहुत दिन बाद याद किया कैसे हो उसके दोस्त ने बोला
 भाई तुमसे एक हेल्प चाहिए यहां हमारी जिंदगी की झंड लगी पड़ी है
 साले मेरे रहते हुए तुम्हें किस बात की दिक्कत है बोल तुझे कैसा हेल्प चाहिए आदित्य के दोस्त ने बोला
आदित्य ने अपने दोस्त से उस मेडिकल रिपोर्ट के बारे में बात किया उसके दोस्त ने कहा वह रिपोर्ट ओरिजिनल है या नहीं इससे तो मेरे फाइट करना बहुत आसान है अगर वह मेडिकल रिपोर्ट ओरिजिनल होगी तो  उसका डाटा हमारी हॉस्पिटल के डेटाबेस में उसका डिटेल्स जरूर भरा होगा क्योंकि उस डेटाबेस में सिर्फ ओरिजिनल डाटा ही सबमिट किया जाता है या फिर रखा जाता है उसने मेडिकल रिपोर्ट का सीरियल नंबर मांगा
एचपी सी 014 62 20 20 है इसका सीरियल नंबर आदित्य ने मेडिकल रिपोर्ट के सीरियल नंबर देखते हुए बोला
 हां भाई इस सीरियल नंबर से डेटाबेस में मेडिकल रिपोर्ट है या  यह किसी प्रेगनेंसी टेस्ट  का मेडिकल रिपोर्ट है उसके दोस्त ने जवाब दिया यह सुनकर हम चारों के चेहरे उदास हो गया
 भाई उस टेस्ट में इसका रिपोर्ट पॉजिटिव या नेगेटिव है रूहानी सी आवाज में बोला
 भाई जिस महिला का यह रिपोर्ट है वह प्रेग्नेंट है उसके दोस्त ने बोला
 यह सुनकर यह सुनकर हम सभी को ऐसा लगा जैसे हम लोगों को सांप सूंघ गया हो हम सभी स्थान शाखा हो गए और को के सामने अंधेरा आ गया मुझे लग रहा था कि कुंदन इसका जिम्मेदार मुझे हिट हर आएगा उसे लग रहा होगा कि यह लड़की अब मेरे जिंदगी में किसी भी तरह से एंट्री कर जाएगी हम लोग कुछ सोच रहे थे कि इसी बीच कुंदन ने बोला अपने दोस्त से पूछो उस मेडिकल रिपोर्ट पर किसका नाम लिखा हुआ है किस नाम से रिपोर्ट है
 कुंदन के कहे अनुसार आदित्य ने रिपोर्ट में लिखे नाम को पूछा
चमेली देवी पति शशिकांत मिश्रा गांव प्लस पोस्ट धन-धन जिला नालंदा उसने उस मेडिकल रिपोर्ट पर छापे डिटेल्स को एक ही सांस में बोल दिया
 क्या क्या फिर से बोलना उस महिला का नाम क्या तूने बताया आदित्य ने जागृत होकर बोला
 चमेली देवी उसके दोस्त ने थोड़ा जोर से बोला
 और उसकी उम्र बताना
33 वर्ष
 भाई जो तुम डाटा बता रहे हो वह हमारे मेडिकल रिपोर्ट के डाटा से अलग है उसमें नाम कुछ और लिखा हुआ लुक लिखा हुआ और तुम जो बता रहे हैं वह उसमें कुछ और तुम बता रहे हो ऐसे कैसे हो सकता है
हो सकता है लड़की ने अपना नाम बदलकर डॉक्टर को जानकारी दिया होगा होगी उसके दोस्त ने बोला
 लेकिन भाई प्रिंट आउट में भी तो वही नाम होना चाहिए था जो उसने नाम बदलकर वहां पर बताई होगी यहां तो प्रिंट आउट में उसका ओरिजिनल नाम लिखा हुआ है
 तब तो मुझे लगता है तुम्हारे हाथ में जो रिपोर्ट है वह नकली रिपोर्ट है शायद सीरियल में मरे ही डालकर उसका नाम चेंज कर दिया हुआ उसे दे दिया गया होगा
 हां हां यह बात सही हो सकती है चमेली देवी की रिपोर्ट से मैं अगर कोई कांटेक्ट नंबर है तो देना तो दो मैंने कहा
 अब हम लोगों के पास चमेली देवी का मोबाइल नंबर आ चुका था हम लोग उसी वक्त चमेली देवी को कॉल लगाया उसने बताई चमेली को विवाह का 10 12 वर्ष हो चुके थे लेकिन अब तक उसका कोई बच्चा नहीं था लेकिन इस बार उसका बच्चा मुश्किल से के पेट में है उसके घरवालों को एक्टिव नहीं था इसीलिए उसने प्रेगनेंसी टेस्ट करवाई थी वह काफी खुश नजर आ रही थी।
 अब हम चारों के समझ में आ चुका था यह मेडिकल रिपोर्ट गलत है अगर गलत है तो फिर डॉक्टर ने इससे क्यों दिया इसे जानने के लिए हम लोग डॉक्टर के पास पहुंच गए डॉक्टर अपने चेंबर में बैठा था उसके चेंबर में बड़े-बड़े दो कैलेंडर लगे थे जिसमें मानव शरीर के सिर्फ हड्डियां दिख रही थी उसके बगल में एक छोटा सा फ्रेम फोटो था जिसमें छोटे बच्चे बैठा था और उसके ठीक सामने एक सिम लगी थी जिसमें डॉक्टर को भगवान का विशेष दूत बताया गया था
 यह रिपोर्ट आप ही का लाइव का है ना आदित्य ने रिपोर्ट की फोटो दिखाते हुए पूछा
 हां मेरा ही हॉस्पिटल का रिकॉर्ड है
 जब आदित्य ने इसे रिपोर्ट को नकली होने बताया तो वह भड़क गया लेकिन हम लोगों ने उसकी मेन नस पकड़ रखी थी मैंने उसे उसकी डेटाबेस में इसे सीरियल नंबर सर्च करने के लिए बोला मगर वह इसके लिए तैयार नहीं हुआ फिर हम लोगों ने उसे पुलिस की धमकी दी तब जाकर उसने सच सच सारी बातें बताएं
 हां यह नकली रिपोर्ट है मैंने नेहा के कहने पर ही से नेहा हमारी छोटी साली की फ्रेंड है कुछ दिन पहले उसका कॉल आया था उसने बताया कि उसे किसी लड़के से शादी करना है मगर उसके घर वाले इसके लिए तैयार नहीं है फिर उसके रिक्वेस्ट पर हमने यह नकली रिपोर्ट तैयार किया था मुझे माफ कर दो प्लीज पूरी स्कोर इसकी जानकारी मत देना नहीं तो हमारी हॉस्पिटल और हमारी लाइसेंस चीनी जप्त कर ली जाएगी और मुझे 5 से 10 साल के लिए जेल भी जाना होगा प्लीज मुझे माफ कर दो डॉक्टर ने लगभग रोते हुए बोला।

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 उसी दिन शाम के 4:00 बजे हम सभी और नेहा बस स्टैंड के पीछे वाले मैदान में एक ऊंचे से पत्थर सर बैठे थे नेहा हम चारों के सामने खड़ी थी उसे यह मालूम हो चुकी थी कि हम लोग उसकी सच्चाई जान चुकी है सिर्फ यह सच्चाई नहीं यह मेडिकल रिपोर्ट गलत है बल्कि यह सच्चाई होगा हम चारों के साथ कई महीनों तक रिलेशनशिप में थी कुंदन उस छोटे से पत्थर से उठ खड़ा हुआ
 नेहा मैं तुमसे इतना प्यार करता था फिर भी तूने मेरे साथ धोखा की एक सांस तूने इतने लड़कों को साथ रिलेशन रखें मुझे तुम्हारी शक्ल तुमसे नफरत हो गई है उसने कुंदन ने एक थप्पड़ झड़ते हुए का
इतने लोगों के साथ में एक साथ रिलेशनशिप में नहीं था हां मैंने पहले कई गलतियां की थी आदित्य अभिषेक से ब्रेकअप करने के बाद मैं तुमसे सच्चा प्यार करने लगे थे और मैं तुम ही से शादी करना चाहता था चाहते थे नेहा ने बिलखते हुए बोली।
झूठ मत बोलो तुम मेरे साथ और अजीब हम दोनों के एक होटल में रिलेशन में थी तुम कुंदन बोला यह सुनकर यहां कुछ नहीं बोले सिर्फ रोती रही
 और बताओ तू अगर कुंदन के साथ रिलेशनशिप में थी तो मुझे क्यों पर पहुंची थी तूने मेरे साथ धोखा क्यों की हम अभिषेक आराम से जिंदगी गुजार रहे थे अपनी जिंदगी में मस्त है जॉब करने की सपना थी लेकिन तूने अपने स्वार्थ के लिए मेरे सपनों को चकनाचूर कर दी मैंने थोड़ी तेज आवाज में बोला
 अगर मैंने तुम्हें प्रपोज की थी तो तुम तो मना कर सकते थे आखिर तुमने क्यों नहीं किया नेहा ने इस बार मुझे बोली थी
 बहुत सारे लड़के कितनी लड़कियों के प्रपोज करने के बाद भी उसे किसी का प्यार नसीब नहीं होती है और तुमने मुझे और मुझे बिना किसी को प्रपोज किए हुए हैं कोई लड़की मुझसे प्यार करने के लिए आई थी तो मैं मना कर सकता था मैंने थोड़ा धीमी स्वर में बोला।
 अगर तुम मुझसे ब्रेकअप कर के उसके साथ तो जा सकती थी एक साथ में दो दो खेलें क्यों खेल रही थी और  यह प्रेग्नेंट वाली ड्रामा क्यों कुंदन बोला।
 यह सब करने के बाद मुझे एहसास हुआ कि मैं जो कर रहा हूं कर रही हूं वह बहुत गलत कर रही हूं और मैं तुझे नहीं खोना चाहती थी और तुम्हारी फैमिली वाले मुझे एक्सेप्ट नहीं करना चाह रहे थे इसीलिए हमने प्रेग्नेंट का ड्रामा किया था कि तुम विवश होकर मुझसे शादी करो मैं तुझे नहीं खोना चाहती थी नेहा ने रोते हुए बोली
 अब कितना झूठ बोलेगी मैं तो तुम्हारे लिए अपने घर वालों को छोड़ने के लिए तैयार था कोर्ट मैरिज करने के लिए भी तैयार था और तुम बोलती हो मुझे खोने से डरती थी यह सच नहीं है नेहा सच यह है कि तुम सबके साथ मौज पढ़ाना चाहती थी और हमारे पैसे पर राज करना चाहते थे मुझे खुद पर डिजाइन आ रहा है कि मैंने तुम जैसी लड़की से सच्चा प्यार किया चले जाओ मेरे नजरों से दूर इतना बोल कर कुंदन ने उसे द्वारा थप्पड़ जड़ जड़ दिया नेहा वहीं पर बैठकर रोने लगी और हम चारों वहां से चले गये।

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 4 महीने बाद

कुंदन उस दिन अगले दिन हैं ड्यूटी पर चला गया था और फिर दोबारा 4 महीने बाद अब घर अपने वापस आया था आने के बाद हम चारों को कॉल किया था उस दिन के बाद हम चारों एक अच्छे दोस्त बन गए थे यहां तक कि उस दिन के बाद हम लोगों के एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बन गया था जिसमें हम चार लोग थे और अपने जिंदगी की हर छोटी-मोटी खुशी उस ग्रुप में बांटा करते थे जब वह 4 महीने बाद अपने घर आया तो हम लोगों के एक बार राजगीर आने का न्योता दिया दिया था
 इस बार हम लोग राज्य के सबसे ऊंचे पहाड़ की चोटी पर बैठे थे हम चारों के हाथ में एक एक एक कोल्ड्रिंक थी और हम लोग पी रहे थे और कुछ ऊंची चोटी से राजगीर की नजारा देख रहे थे अजीब लग रहा था जब हम चारों की मुलाकात हुई थी तो हम बहुत परेशान थे पिछली बार बार इस बार हम साथ में बैठकर अपनी किस से सुना रहे थेहम सभी एक साथ अभिषेक को देखें। अब हम लोगों के जिंदगी किसी के लिए खाली नहीं थी अब हम लोग बहुत खुश थे सब अपने अपने कैरियर पर
अचानक से अभिषेक के मोबाइल पर कॉल आया नंबर अननोन था मगर ट्रूकॉलर खुशबू नाम शो कर रहा था  हम तीनों ने अभिषेक को एक साथ घूर कर देखा
 भाई हम निठल्ले जरूर है लेकिन चूतिये  नहीं,  बोलकर अभिषेक अपनी रेडमी नोट 4  का फोन उठाकर पहाड़ से नीचे फेंक दिया और हम सब चारों हंसने लगें ।

© अविनाश अकेला 
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