Wednesday, August 21, 2019

अभिप्रिया की चिठ्ठी S02 - भारतीय रेल व्यवस्था पर चर्चा ( लव लेटर हिंदी में )


     

अभिप्रिया की चिठ्ठी - S02   ( लव लेटर हिंदी में )

                           
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                                                                                                                                                        दिनांक  
                                                                                                                                                   21/08/2019
         मेरी जान                                                                                            
            प्रिया


            शुभ प्रभात ! जिस तरह से फुल  हमेशा खिली खिली  रहती हैं . वैसे ही तुम्हारी  चेहरा भी खिला-खिला  रहे .
 सूरज के किरणों सा तू चमकता रहे . और खुशियाँ तेरे आस-पास ही रहे .
हम पिछला चिठ्ठी में तुमको बताएं थे ना , अगस्त महिना में हमरा MTS का एग्जाम हैं . आज ओही एग्जाम  देबे हैदराबाद  जा रहे हैं . अब गाव दो तीन दिन बाद ही आ पाएंगे .  मम्मी ट्रेन पर खाने पीने  का पूरा व्यवस्ता  कर दी हैं , पराठा और करेला के भुजिया के साथ साथ नयका गेंहू के निमकी और ठेकुआ भी देशी घी में बना कर दे दी हैं . कह रही थी ट्रेन पर केकरो पर विश्वास करने का चीज नही हैं काहे की अब जुग जमाना ख़राब हैं . जब ट्रेन पर कोई खाने पीने का समान देगा तब मत खाना , का पता कौन चोर-उचका हैं कही खाने के समान में नशीले दवाई ना दे दें  . ऐसे मम्मी सहिये कह रही थी , ट्रेन पर सरकार उतना तो सुरक्षा देती नही हैं खाली जनता से पैसा लुटती हैं . देखती नही हो ! आजकल ट्रेन पर कितना लूटपाट होता हैं . कभी कभी तो बेचारा केतना के जान चला  गया हैं चोर उचक्का से बचने या विरोध करने के चक्कर में . लेकिन सरकार को तो इ सब पर ध्याने  नही जाता हैं . एक बात  और बोले ! जब तक सरकार जनता को लेकर सिरियस नही होगा ना ,तब तक  देश में ऐसे ही अपराध होता रहेगा . खाली बुलेट ट्रेन चलाने से नही होता हैं कम से कम नोर्मल ट्रेन को भी सही से रखिये . काहे कि हम भारतियों के लिए इ थोड़े बुलेट ट्रेन से कम हैं . खैर ! इ सब बात ज्यादा नही करते हैं.
 अब तो आयेंगे दो- तीन दिन बाद तो सोचे जाने से पहले गौरवा के हाथे अपना दिल के हाल चिठ्ठी में लिख के तुम्हरा पास पेठा दें . एही से इ चिठ्ठी लिख रहे हैं .
सुने हैं , रक्षाबंधन में हमरा एकलौता साला तुमको गिफ्ट में एगो Oppo के नया मोबाइल फ़ोन दिया हैं . अच्छा हैं बेचारा हम दोनों के बात करने के प्रॉब्लम को सोल्व कर दिया हैं .
जानती हो ! आज सुबह से ही तुम्हरा फोटो खोज खोज कर थक गये थे . वो ही फोटो जो दो महिने पहले दी थी .सोच रहे थे जाते समय तुम तो मिलोगी नही . एही से सोचे तुम्हरा फोटो के ही दर्शन कर के जाये . का हैं ना की , तुम्हारा चेहरा हमारा लिए बहुत लकी हैं एही से हम तुम्हारा फोटो को देख कर ही कोई अच्छा काम करने जाते हैं .
   बहुत परेशान होने के बाद मिला हैं फोटो . उसे छुपा कर पुराना लुसेंट में रख दिये थे . जब से GK के नया लुसेंट लिए हैं तब से पुराना वाला को नही पढ़े थे एही से खोजने में दिक्कत हो गया था . वैसे अब मिल गया हैं अब उसे हमेशा अपने पर्स में ही रखेंगे . जैसे ही तुम्हरा फोटो मिला , उसे चूम लिया . ऐसे लग रहा था उ फोटो नहीं हैं . उ तुम हो और तोर सुरतिया हमर आंख के सोझा हैं . एही से  फोटो को  तुम्हे  समझ कर झट से 10-12 बार Kiss कर लिए थे .
  खैर ! घर से निकलने का समय हो रहा हैं . अब आज इतना ही लिख कर गौरवा से भेजवा रहे हैं . बाकी आते हैं हैदराबाद से तब मिलते हैं . अपना ख्याल रखना और सही समय पर खाना खा लेना , काहे कि तुम अब कुछ ज्यादा ही दुबला होती जा रही हो . आई लव यू जान !   
                                                                                                            
                                                                                          सिर्फ तुम्हारा दीवाना
                                                                                            अभिप्रिया


© अविनाश अकेला


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 अभिप्रिया की चिठ्ठी - S01   ( लव लेटर हिंदी में )

*अभिप्रिया की चिठ्ठी - S03 ( लव लेटर हिंदी में )

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