Wednesday, January 2, 2019

बुरा मत देखो Short stories for kids in hindi हिंदी कहानी

बुरा मत देखो - Short stories for kids in hindi 

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मोहन और सोहन दोनों एक दूसरे के बहुत अच्छा दोस्त था । परन्तु दोनों में कुछ अलग अलग कुछ खूबियां थी ।मोहन पढ़ने में बहुत होशियार था तो वहीं सोहन फुटबॉल खेलने में बहुत अच्छा खिलाड़ी था ।
सोहन ने जिला स्तरीय मैच को जीतकर कई सारे मेडल हासिल किया था । पूरे विद्यालय में दोनों सभी शिक्षकों के प्यारा था । इन्हें सभी काफी प्यार करते थे।  एक दिन सोहन मैदान में फुटबॉल खेल रहा था तभी उसका पैर एक पत्थर से टकरा गया और वह जमीन पर गिर गया जिसके कारण उसके पैर में काफी चोट आई । उसे डॉक्टर के पास ले गया गया तो डॉक्टर कुछ दवाइयां दिया और कहा सोहन के पैर की हड्डियां में काफी चोट आई है । इसे कम से कम 1 महीने तक आराम करने की जरूरत हैं ।  अब यह एक महीने तक खेलने या कहीं बाहर नहीं जा सकता है यह सुनकर सोहन को काफी दुख हुआ । 

बुरा मत देखो - short stories for kids in hindi 

 अब सोहन स्कूल नहीं जा रहा था तो मोहन स्कूल से पढ़ने के बाद सीधा सोहन के घर आ जाता था और  कक्षा में हुई पढ़ाई को घर आकर सोहन को समझा देता था । चुकी सोहन पढ़ने में मोहन जैसा तेज तरार नहीं था जिसके कारण  मोहन द्वारा घर पर पढ़ाने से उसे पूरी तरह से समझ नहीं आता था ।  किसी तरह एक महीना बीत गया और अब सोहन स्कूल जाने लगा दोनों बहुत खुश हुआ और दोनों खूब मस्तियां किया ।


          अगले सप्ताह से परीक्षा शुरू होने वाली थी परंतु सोहन बीमार रहने के कारण पढ़ाई सही तरीके से नहीं कर पाया था और अपने विषय की तैयारी नहीं कर पाया था ।


बुरा मत देखो - short stories for kids in hindi 


 जब सोहन परीक्षा हॉल में परीक्षा देने गया तो वह नकल करने के लिए कुछ चिट और किताब भी लेकर चला गया परंतु इस बात से मोहन बिल्कुल अनजान था। जब परीक्षा शुरू हुई तो सोहन ने किताब निकालकर नकल करना शुरू कर दिया । लेकिन नकल करता हुआ मोहन नेदेख लिया और उसे समझाएं कि नकल करनीं बुरी आदत है,  यह एक बुरा काम है , नकल मत करो परंतु सोहन ने मोहन की बात बिल्कुल नहीं माना और वाह नकल करके लिखता ही रह गया।
 चुकी  मोहन को पता था बुरा  काम करना या बुरा  होते देखना दोनों ही गलत काम है ; इसलिए मोहन को देखा नहीं रहा गया और अब वह सीधा प्रिंसिपल कच्छ  में जाकर  सोहन के बारे में सारी बातें बता दिया । जिसके बाद सोहन को परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया ।


बुरा मत देखो - short stories for kids in hindi 

   इस प्रकार मोहन ने सोहन को बुरा काम करने से रोक दिया परंतु दोनों के बीच दोस्ती टूट गई जब यह बात दोनों के घरवालों को पता चला तो उन लोगों को भी बहुत खुशी हुई कि मोहन ने सोहन को गलत काम करने से रोक दिया ।  फिर दोनों के घरवालों ने समझा बुझाकर फिर से दोनों की दोस्ती करवा दी और सोहन ने कसम भी खाई कि आज के बाद से कोई बुरी काम नहीं करेंगे और बुरा काम करते हुए भी नहीं देखेंगे,  अगर कोई व्यक्ति बुरा काम करेगा भी तो उसे के बारे में हम अपने से बड़ों को बताएंगे ताकि ताकि उसे बुरा काम करने से रोक सके ।

 तो बच्चों हमें  इस कहानी से यह सीख मिलती है कि हमें कोई भी बुरा काम नहीं करना चाहिए या बुरा होते हुए भी हमें नहीं देखना चाहिए और जब कोई बुरा काम करता हो तो उसे के बारे मे सीधे अपने से बड़े लोगों को बताना चाहिए ।

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