Thursday, November 1, 2018

पिंकियाँ के बियाह hindi kahani | best hindi story in hindi


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ए जी ! सुन रहे हैं ? मेरा वाला ललका  साड़ीवा नहीं मिल रहा है ।  जो पिछले दशहरा में हमरा भौजी नैहर से भेजवाये थे । अगर नहीं मिला तो आज का पहनेंगे ?  हम  एही चलते उ  साड़ी को एकदम कोरे रखे थे  कि जब लड़के वाले पिंकियाँ को देखने आये ,  तब उ साड़ी पहन के  पाहूँना  लोग के चाय-पानी करायें । काहे की लड़की के गोर - करिया और संस्कार , लोग ओकर मां-बाप के  देखी के बता देता है । पंडिताइन थोड़ी खींज कर पिंकियाँ के पापा को बोल रही थीं । रिश्ते-परिवार में पिंकियाँ के पापा से ज्यादा दिलचस्पी पंडिताइन को ही रहती हैं इसलिए शादी -ब्याह की बात में खुद ही पूरी तैयारी कर रही हैं ।



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हे भगवान !  अब ,  का करें ?   ई अभी तक सुतले हैं ।  घर में एको -कनमा  दूध नहीं आया है ।  अब कुछ देर में पाहूना लोग  भी पहुंचे वाला होगा  ।  चाय कैसे बनेगा ?
आज भोरे  से ही पंडिताइन  चिल्ला -चिल्ला कर पूरा घर माथे पर उठा  ली है । काहे  कि आज पंडिताइन की बड़ी बेटी पिंकी को  देखने के लिए लड़के वाले आ रहे हैं । इनको बहुत शौक है कि अपनी बेटी की शादी बहुत ही धूमधाम से करें ।  और होगा भी क्यों नहीं !  पंडिताइन की चहेती  जो ठहरी ।



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           इनका एक बेटा और एक बेटी है ।  लेकिन आज तक दोनों में कभी कोई फर्क महसूस नहीं होने दिया ।  दोनों की अच्छी परवरिश के साथ अच्छी शिक्षा भी  दिए हैं ।
आज सब लोग खुश है की अगर सब कुछ अच्छा रहा तो पिंकीया की शादी एक इंजीनियर लड़का से हो जाएगा ।
दिन के 10:30 बजे तक  लड़के वाले पंडिताइन के घर आ चुके थे ।
'' एतना  करे के का जरूरत  रहे ?  हम लोग   त खाली लड़की देख कर चल  जाते ''  नाश्ता करने के बाद लड़के के पापा ने कहा ।
"ऐसन कोय दिक्कत न हुआ "  पंडिताइन नेे कही ।
नाश्ता होने के बाद सभी लोग  पिंकी को देखा,   पिंकी बहुत ही सुंदर और सुशील थी । जिसके वजह से पिंकी सभी को बहुत पसंद आयी । परंतु  इतनी सुंदर -शुशील होने के बाद भी पिकियाँ की शादी नही हो पाई । क्योंकि पंडिताइन मोटी दहेज देने में में विफल रही ।
जितनी पैसे की मांग लड़के वाले ने किया था पंडिताइन उतनी पैसे पूरी उम्र में भी नही देखी होंगी ।
पंडिताइन को अब समझ में आ चुकी थी  इंसानों की दुनिया में सुंदर और संस्कार से रिश्ते नहीं जुड़ते ,  यहां रिश्ते पैसे से जुड़ते हैं ।

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